पत्रकार से मारपीट पर विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने जताया कड़ा विरोध
बोले– भाजपा शासन में अपराधियों के हौसले बुलंद, अब वर्दीधारी भी कानून की मर्यादा भूलने लगे हैं

पत्रकार से मारपीट पर विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने जताया कड़ा विरोध
बोले– भाजपा शासन में अपराधियों के हौसले बुलंद, अब वर्दीधारी भी कानून की मर्यादा भूलने लगे हैं
प्रदीप बोरकर खैरागढ़। खबर संकलन करने गए बंसल न्यूज के संवाददाता किशोर सोनी के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा की गई मारपीट की घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध तेज हो गया है। घटना के विरोध में पत्रकारों द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन में विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन शामिल हुए और पत्रकारों की मांगों का समर्थन करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान मनराखन देवांगन ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। अपराध और असुरक्षा को लेकर आम जनता पहले से ही परेशान है वहीं अब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकार भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का दायित्व आम नागरिकों की सुरक्षा करना और कानून का पालन सुनिश्चित करना है न कि अपनी वर्दी और पद का दुरुपयोग कर किसी की आवाज दबाना। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि पुलिस को कानून का रक्षक बनाया गया है किसी की आवाज दबाने वाला नहीं। जब कानून की रक्षा करने वाले ही कानून की मर्यादा भूलने लगें तो आम नागरिक न्याय की उम्मीद किससे करेगा. क्या भाजपा शासन में वर्दी की आड़ में मनमानी करने की छूट मिल गई है. देवांगन ने आगे कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, बढ़ते अपराध, युवाओं में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति और बिगड़ती कानून-व्यवस्था गंभीर चिंता का विषय है।
छत्तीसगढ़ में अपराध और असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है। अब स्थिति यह है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर भी हमले हो रहे हैं। यह किसी एक पत्रकार का मामला नहीं बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि संबंधित आरक्षक का निलंबन केवल प्रारंभिक कार्रवाई है। पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा मारपीट की घटना में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून को प्रभावी रूप से लागू कर पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
अंत में उन्होंने कहा कि कलम और कैमरे की आवाज को लाठी और वर्दी के दम पर दबाया नहीं जा सकता। पत्रकार लोकतंत्र की आवाज हैं और उनकी सुरक्षा सरकार एवं पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है। पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और न्याय की लड़ाई में वे हर स्तर पर उनके साथ खड़े रहेंगे। पत्रकारों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन, पार्षद पुरुषोत्तम वर्मा, शेखर दास वैष्णव, अजय देवांगन, गिरीश सारथी, हरिदर्शन ढीमर, विनोद सिन्हा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।






