भाजपा सरकार की घोषणाओं पर मनराखन देवांगन का तीखा हमला, बोले- जनता को तारीख नहीं, रेल सुविधा चाहिए,
रेल लाइन के नाम पर बार-बार भूमि पूजन और स्वीकृति के दावे, खैरागढ़ में अब तक निर्माण कार्य का इंतजार- 2018 से चुनावों के आसपास उठता रहा मुद्दा,

भाजपा सरकार की घोषणाओं पर मनराखन देवांगन का तीखा हमला, बोले- जनता को तारीख नहीं, रेल सुविधा चाहिए,
रेल लाइन के नाम पर बार-बार भूमि पूजन और स्वीकृति के दावे, खैरागढ़ में अब तक निर्माण कार्य का इंतजार- 2018 से चुनावों के आसपास उठता रहा मुद्दा,
प्रदीप बोरकर खैरागढ़ । खैरागढ़ में बहुप्रतीक्षित रेल लाइन परियोजना को लेकर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने रेल लाइन के नाम पर लगातार हो रही घोषणाओं, स्वीकृति के दावों और भूमि पूजन की राजनीति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक खैरागढ़ की जनता रेल सुविधा के नाम पर केवल आश्वासन और घोषणाएं सुनती रहेगी? वर्षों से परियोजना को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर निर्माण कार्य की शुरुआत अब तक क्यों नहीं हो सकी है.

देवांगन ने कहा कि खैरागढ़ की जनता लंबे समय से रेल सुविधा की उम्मीद लगाए बैठी है। चुनावी मंचों से लेकर राजनीतिक कार्यक्रमों तक रेल लाइन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाता रहा है। कभी भूमि पूजन तो कभी परियोजना की स्वीकृति के दावे कर जनता को उम्मीदें दिखाई जाती हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि खैरागढ़ आज भी रेल कनेक्टिविटी से वंचित है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कवर्धा में केंद्रीय मंत्री को बुलाकर रेल लाइन का भूमि पूजन किया गया था। इसके बाद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी परियोजना को स्वीकृति मिलने की बातें सामने आईं। अब नगर पालिका चुनाव के बाद आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर रेल लाइन की स्वीकृति को लेकर दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इन वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार ने परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए वास्तविक रूप से क्या कदम उठाए हैं?
चुनाव आते ही याद आती है रेल लाइन, जमीन पर काम कब होगा?
मनराखन देवांगन ने सवाल किया कि यदि भाजपा सरकार वास्तव में खैरागढ़ रेल लाइन परियोजना को लेकर गंभीर है तो अब तक निर्माण कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ? परियोजना के लिए बजट का प्रावधान कितना किया गया है? आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियों की क्या स्थिति है? भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है और निर्माण कार्य शुरू करने की निश्चित समयसीमा क्या है. उन्होंने कहा कि विकास केवल मंचों से भाषण देने, नारियल फोड़ने और शिलान्यास करने से नहीं होता। विकास तब दिखाई देता है, जब योजनाएं जमीन पर उतरती हैं और आम जनता को उनका लाभ मिलता है। सरकार को घोषणाओं से आगे बढ़कर परियोजना की समयबद्ध कार्ययोजना, बजट और वर्तमान प्रगति का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करना चाहिए। खैरागढ़ की जनता अब स्वीकृति की खबरें नहीं, बल्कि रेल लाइन का वास्तविक निर्माण देखना चाहती है
महंगाई और बढ़ते यात्री किराए ने आम आदमी की कमर तोड़ी
देवांगन ने बढ़ती महंगाई और यात्री किराए में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले से महंगाई की मार झेल रहे आम नागरिकों, नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और छोटे व्यवसायियों पर परिवहन खर्च का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। आम परिवारों का मासिक बजट लगातार बिगड़ रहा है, लेकिन सरकार आम जनता को राहत देने के बजाय उसकी मुश्किलें बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि खैरागढ़ जैसे क्षेत्र में रेल सुविधा का अभाव केवल आवागमन की समस्या नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर व्यापार, शिक्षा, रोजगार और क्षेत्रीय विकास पर भी पड़ता है। रेल कनेक्टिविटी मिलने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी तथा आम नागरिकों को कम खर्च में आवागमन का बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकेगा।
जनता को घोषणाओं का हिसाब नहीं, काम की प्रगति चाहिए
मनराखन देवांगन ने कहा कि खैरागढ़ की जनता वर्षों से रेल सुविधा का सपना देख रही है। चुनाव के समय इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाता है, लेकिन चुनाव बीतने के बाद परियोजना की वास्तविक प्रगति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती। केंद्र और राज्य सरकार को अब जनता के सामने यह बताना चाहिए कि वर्ष 2018 के भूमि पूजन से लेकर अब तक परियोजना में कितनी प्रगति हुई है और निर्माण कार्य शुरू करने की ठोस तारीख क्या है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खैरागढ़ की जनता को अब राजनीतिक आश्वासन, भूमि पूजन और स्वीकृति के दावों से संतुष्ट नहीं किया जा सकता। जनता को तारीख नहीं, रेल सुविधा चाहिए। सरकार को चाहिए कि वह रेल लाइन परियोजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करे और बताए कि खैरागढ़ को रेल सुविधा का वास्तविक लाभ आखिर कब तक मिलेगा।




