सनातन धर्म ही हमारा घर, दूसरे धर्म में जाना मतलब किराए की जिंदगी
292 बेटियों का कर चुके कन्यादान

सनातन धर्म ही हमारा घर, दूसरे धर्म में जाना मतलब किराए की जिंदगी
292 बेटियों का कर चुके कन्यादान
शैलेन्द्र मिश्रा/खैरागढ़/छुईखदान:- सनातन धर्म के प्रचार में जुटे प्रसिद्ध भागवत कथाचार्य और पिछले 18 साल से केवल चाय पीकर जीवन चला रहे पंडित नरेन्द्र नयन शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म को छोड़कर दूसरे धर्म में जगह तलाश रहे लोगों को समझना चाहिए।
सनातन धर्म ही उनकी प्रमुख जगह है। बाकी धर्मों में जाने के लिए लोगों को भटकना पड़ता है। इसलिए अपने घर में रहें। दूसरे धर्म में जाना मतलब किराए की जिंदगी होती है। लेकिन अपना सनातन धर्म खुद का मकान है। जहाँ किसी प्रकार के किराए की आवश्यकता नहीं है। छुईखदान के राज महल में आयोजित भागवत कथा वाचक के रूप में सिलयारी से पहुँचें नरेन्द्र नयन शास्त्री ने कहा कि चाय पीकर जीवन यापन कोई प्रतिज्ञा नहीं है। बल्कि गरीबी और हठ का परिणाम है। बनारस में शिक्षा के दौरान गरीबी के चलते शास्त्री के पास वहाँ दक्षिणा देने कोई व्यवस्था नहीं होती थी। भूख और गरीबी को मिठाने उन्होंने चाय पीकर जीवन गुजारना शुरू किया जो अब बालकाल्य से हठ बन गई है।
शास्त्री बेहतर भविष्य वक्तस के रूप में जाने जाते हैं। भागवत शुरू होने के दौरान ही उन्होंने छग में मुख्यमंत्री के रूप में दो नाम तय किए थे। इसमें रेणुका सिंह और विष्णुदेव साय में से ही किसी एक के मुख्यमंत्री बनने का दावा किया था। राजमहल में जारी भागवत कथा के दौरान बड़ी संख्या में जिले और बाहर के लोग भी शास्त्री के पास अपनी समस्या लेकर पहुँच रहे हैं। घर से लाए चावल से वे लोगों के भूत और भविष्य को बता रहे हैं।
कथावाचक नरेन्द्र नयन शास्त्री अब तक गरीब और जरूरत मंद 292 बेटियों का कन्यादान अपने हाथों कर चुके हैं। शास्त्री ने बताया कि वे बेटियों के लिए ही अपना जीवन समर्पित कर चुके हैं। भागवत कथा के दौरान मिलने वाला पूरा चढ़ावा उसी कथा के दौरान जरूरतमंद बेटियों को दान कर दी जाती है। सनातन धर्म पर नरेन्द्र नयन शास्त्री ने कहा कि सनातन के लिए उनका जीवनचक्र जारी है। बडे़ बडे़ वक्ताओं पर भी शास्त्री ने सीधे सवाल दागते कहा कि गौशाला और विभिन्न आश्रमों के नाम पर फाइव स्टार होटलों में रूकनें वाले सनातन के लिए कोई प्रयास नहीं कर पा रहे है। शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म को बढ़ावा देने ही वे हर जगह इसका प्रसार प्रचार कर रहे हैं। छुईखदान में आयोजित भागवत कथा शनिवार तक जारी रहेगी।
