नए साल मे उम्मीदों का इंतजार,शहर को शुद्ध पेयजल, बाईपास मिलने की उम्मीद, जिला प्रशासन मे चुस्त व्यवस्था, इलाज मे सुविधाएं बढ़ने की आस,
नए साल मे उम्मीदों का इंतजार

नए साल मे उम्मीदों का इंतजार
शहर को शुद्ध पेयजल, बाईपास मिलने की उम्मीद, जिला प्रशासन मे चुस्त व्यवस्था, इलाज मे सुविधाएं बढ़ने की आस,
शैलेंद्र मिश्रा की खास रिपोर्ट 
नए साल के आगाज के बाद नए जिले में विकास की उम्मीदें और बढ़ गई है। जिला निर्माण के सवा साल बाद नए साल मे कई ऐसे कार्यों के पूरे होने की उम्मीद है जिसका इंतजार पिछले कई सालों से हो रहा है। नए साल में नए जिले में जल आवर्धन योजना के पूरा होने, शहर मे यातायात व्यवस्था सुधारने बन रहे बाईपास सड़क, ग्रामीण इलाको के लोगो को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने चल रहे जलजीवन मिशन, नए जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट और अधिकारियों कर्मचारियों की पर्याप्त व्यवस्था, डोगरगढ़ कटघोरा रेल लाइन निर्माण की गति बढ़ने, स्थानीय अस्पताल मे जिला स्तरीय सुविधाओं में बढ़ोत्तरी, नए जिले के आधा दर्जन पर्यटन स्थलों का विकास और सिंचाई सुविधा को मजबूत करने प्रधानपाठ बैराज के टूटे गेट की मरम्मत, निर्माणाधीन सिद्धबाबा जलाशय के पूर्ण होने उम्मीद जिले वासियों को बढ़ गई है ।

जल आवर्धन योजना का मिलेगा लाभ
नगरपालिका क्षेत्र में पांच वर्षों से शहर के लोगो को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने 32 करोड़ रू की जल आवर्धन योजना के पूर्ण होने की संभावना सबसे पहले है। शहर मे 80 किमी से अधिक पाइपलाइन विस्तार, 2 नए पानी टंकियों के साथ हर घर जलसंयंत्र से शुद्ध पेयजल व्यवस्था पहुँचाने 90 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। जलशोधन संयंत्र को पानी उपलब्ध कराने शहर के गंजीपारा स्थित एनीकट की ऊंचाई बढ़ाने का काम जारी है। गर्मी के पहले इसके पूरा होते ही शहर मे जल आवर्धन योजना का लाभ मिल सकेगा ।

15 साल बाद पूरा होगा बाईपास का काम
शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने 15 साल पहले स्वीकृत किए गए बाईपास सड़क निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है । छ किमी लंबे बाईपास के सड़क निर्माण का काम पूरा किए दो साल गुजर गए है। लेकिन बाईपास मे बनने वाली 8 करोड़ की तीन उच्च स्तरीय पुलो का निर्माण अब तक नही हो पाया है। आमनेर नदी पर बनने वाले सबसे बड़े पुल का काम तीन साल से नही हो पाया। जबकि मुस्का नदी और मोतीनाला मे बनाए जा रहे पुल का कार्य अंतिम चरण में है। विभागीय लापरवाही अगर नही हुई तो इस नए साल मे लोगो को बाईपास की सौगात पूरी होते दिख जाएगी ।
ग्रामीणों को भी शुद्ध पानी देने मिशन जारी
ग्रामीण इलाको में भी लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने जलजीवन मिशन के तहत जिले भर में सौ करोड़ से अधिक राशि से पानी टंकी, पाइपलाइन विस्तार कार्य लगातार जारी है। गर्मी के दौरान आधे से ज्यादा इलाको में सबसे बड़ी समस्या पेयजल की होती है। पूरे जिले में 20 फीसदी गांवों में जलजीवन मिशन का कार्य ही पूरा होने के कगार पर है। लेकिन इसका फायदा पूरी तरह नही मिल पाया है । प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद जलजीवन मिशन के कार्यों में तेजी की उम्मीद नए साल मे बढ़ गई है। समय पर कार्य पूर्ण कराए गए तो इस साल जिले की ग्रामीण जनता को भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा ।
जिला प्रशासन में कसावट की उम्मीद बढ़ी
डेढ़ साल पहले चुनावी घोषणा को पूरा करते खैरागढ़ की वर्षों पूरानी जिले की मांग तो पूरी कर दी गई। लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था मे पर्याप्त सुधार नही हो पाया । आधे से ज्यादा विभाग राजनांदगांव के भरोसे संचालित हो रहे है। तो दूसरी ओर आम लोगों से जुड़े परिवहन, रोजगार जैसे विभागों का संचालन शुरू ही नही होने से लोगों को राजनांदगांव तक की दौड़ लगानी पड़ रही है। नए जिले मे पर्याप्त प्रशासनिक अधिकारियों कर्मचारियों की कमी के चलते दूसरे विभाग के कर्मी जिला कार्यालय का संचालन कर रहे है। अधिकारियों की संख्या नही बढ़ पा रही है। सेटअप जारी होने के बाद भी कर्मचारियों की कमी बरकरार है। नई सरकार में इसमे कसावट आने, अधिकारियों कर्मचारियों की पर्याप्त व्यवस्था होने, जिला स्तरीय विभागों का संचालन शुरू होने का फायदा मिलने की उम्मीद नए साल मे बढी है।
डोंगरगढ़ कटघोरा रेल लाइन से बढ़ेगा विकास
खैरागढ़ से होकर गुजरने वाले डोंगरगढ़ कटघोरा रेल लाइन की आस फिर से जागी है। क्षेत्र मे रेल सुविधा नही होने से लोगो को अब तक इसका इंतजार है । प्रदेश मे कांग्रेस सरकार बनने के बाद इसमे पूरी तरह रूकावट आ गई । सत्ता परिवर्तन के बाद डबल इंजन सरकार मे रेल लाइन प्रोजेक्ट के आगे बढ़ने की उम्मीद जागी है। इसका फायदा जिले के साथ साथ पूरे इलाके को मिलेगा । रेल कनेक्टिविटी शुरू होने से क्षेत्र मे विकास की संभावनाओं को सीधा लाभ मिलेगा ।

अस्पताल मे उपलब्ध हो जिला स्तरीय सुविधाएं
जिला निर्माण के बाद जिला मुख्यालय स्थित सिविल अस्पताल मे सीएमएचओ की पदस्थापना तो कर दी गई। लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के नाम पर डेढ़ साल मे कुछ नही हो पाया । सोनोग्राफी, एक्सरे मशीन की वर्षों पूरानी मांगे भी पूरी नहीं हो पाई । जिला स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर भी कुछ नही हो पाया। इसका खामियाजा इलाज कराने आने वाले मरीजों को अबतक भुगतना पड़ रहा है । सिविल अस्पताल मे जिला स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने प्राथमिकता के साथ कार्य होने की उम्मीद नए साल में बढ़ गई है । ताकि छोटे छोटे स्वास्थ्य गत मामलों में लोगों को बड़े शहरो मे जाकर मंहगा इलाज कराने से राहत मिल सके ।

दर्जन भर से अधिक पर्यटन स्थलों का विकास
जिला निर्माण के बाद जिले के कई छोरो मे आकर्षक पर्यटन स्थलों को भी बढ़ावा दिए जाने की उम्मीद लगातार बढ़ रही है। जिले में प्रधानपाठ बैराज, डोंगेश्वर महादेव, ठाढ़ पानी झरना, बैतालरानी घाटी, रश्मिदेवी जलाशय, चोड़राधाम जैसे पर्यटन स्थल लगातार लोगो की भीड़ बढ़ा रहे है । यहाँ पर्याप्त विकास होने से लोगों की आवाजाही बढ़ेगी तो इलाके के व्यापार व्यवसाय में भी बढ़ोत्तरी का लाभ इलाके के लोगो को मिलेगा। जिला प्रशासन ने इसकी पहल जरूर की है लेकिन अब तक केवल कागजी घोड़े ही दौड़ रहे है ।
सिंचाई सुविधाओं की मजबूती जरूरी
जिले मे सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने लंबे समय से प्रयास जरूरी है। लेकिन इसमे आंशिक बढ़ोत्तरी ही हो पाई है। चार साल से प्रधानपाठ बैराज के टूटे गेट की मरम्मत नहीं होने से यहाँ सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी का स्टोरेज नही किया जा रहा है 12 सौ करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले सिद्धबाबा जलाशय का कार्य भी पूरा होने के बाद इलाके में सिंचित क्षेत्र का रकबा बढ़ जाएगा। इसके लिए नए साल मे निर्माण कार्य में गति लाने की जरूरत है ।
