जिला कार्यालय में पदस्थ व्याख्याता द्वारा कर्मचारियों से दुर्व्यवहार के खिलाफ लिपिक संघ ने खोला मोर्चा
एडीएम को ज्ञापन सौंप व्याख्याता का संलग्रीकरण समाप्त करने की मांग, कलम बंद हड़ताल की दी चेतावनी

जिला कार्यालय में पदस्थ व्याख्याता द्वारा कर्मचारियों से दुर्व्यवहार के खिलाफ लिपिक संघ ने खोला मोर्चा
एडीएम को ज्ञापन सौंप व्याख्याता का संलग्रीकरण समाप्त करने की मांग, कलम बंद हड़ताल की दी चेतावनी
शैलेन्द्र मिश्रा/खैरागढ़ :- जिला कार्यालय में पदस्थ किए गए व्याख्याता एल बी के खिलाफ जिला कार्यालय में कार्यरत लिपिको ने ही मोर्चा खोलते नियमानुसार व्याख्याता को हटाने की मांग करते एडीएम डी एस राजपूत को ज्ञापन सौंप त्वरित कार्यवाही की मांग की है। लिपिक संघ ने व्याख्याता के खिलाफ लगातार कर्मचारियों से दुर्व्यवहार किए जाने, जिला कर्मचारियों को नीचा दिखाने का प्रयास करने, कार्यालय के बड़े अधिकारियों के खिलाफ अनर्गल टिप्पणी करने, अधिकारियों से भी खुद को बड़ा बताकर दूसरो को निर्देश देने का आरोप लगाया है । डाइट में पदस्थ व्याख्याता मकसूद खान को जिला निर्माण के बाद तत्कालीन जनसंपर्क विभाग मे व्यवस्था बनाने अस्थाई रूप से पदस्थ किया गया था । जिला कार्यालय में फिलहाल जनसंपर्क अधिकारी की नियमित नियुक्ति हो चुकी है। राज्य शासन के निर्देश के बाद भी शिक्षको के अटैचमेंट को समाप्त कर उन्हें उनके स्कूलो और संस्थानों में भेजा जाना है। लेकिन जिला कार्यालय मे अस्थाई रूप से पदस्थ किए गए व्याख्याता मकसूद खान को अब तक रिलीव भी नही किया गया है। ऊपर से कर्मचारियों से लगातार दुर्व्यवहार के चलते अब मामला गंभीर हो गया है। एडीएम को ज्ञापन सौंप ने के दौरान लिपिक संघ ने कार्यवाही नही होने पर जिला कार्यालय मे कलम बंद हड़ताल की चेतावनी भी दी है। *डाइट में एक साल से विज्ञान की पढ़ाई बंद*
डाइट व्याख्याता मकसूद खान को जिला कार्यालय में पदस्थ किए जाने के बाद से डाइट मे प्रशिक्षु शिक्षको की विज्ञान विषय की पढ़ाई पिछले साल भर से बंद है। डाइट मे इसके लिए कोई व्यवस्था भी नही हो पाई है। जनसंपर्क अधिकारी की नियुक्ति के बाद तत्कालीन कलेक्टर गोपाल वर्मा से भी व्याख्याता मकसूद खान को संलग्रीकरण को समाप्त कर डाइट वापस भेजने की मांग की गई थी । लेकिन राजनितिक दखलंदाजी के चलते मामला अटका हुआ है। कार्यवाही नही होने के बाद संबंधित व्याख्याता द्वारा जिला कार्यालय के कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार किए जाने की लगातार शिकायते सामने आ रही है। इसको लेकर ही लिपिक संघ ने व्याख्याता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है ।
संलग्रीकरण को समाप्त नही किया
डाइट व्याख्याता मकसूद खान को अस्थाई रूप से जिला कार्यालय में पदस्थ किए जाने के बाद छग शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सितंबर 23 मे सीधे तौर पर किसी भी शिक्षक के अन्य कार्यालयों मे संलग्नीकरण को समाप्त करने के आदेश जारी किए गए थे ।लगातार जानकारी और शिकायतो के बाद भी खान को हटाने कोई कार्यवाही नही की गई। जिला कार्यालय के कर्मचारियों ने मामले में त्वरित कार्यवाही की मांग करते गुरूवार शाम को कलेक्टर चंद्रकांत वर्मा से भी मिलने का प्रयास किया। लेकिन उन्होने समय नहीं दिया । शुक्रवार को बढ़ी नाराजगी के बीच लिपिक संघ कर्मचारियों ने कलेक्टर की अनुपस्थिति में एडीएम डीएस राजपूत को ज्ञापन सौंप तत्काल कार्यवाही की मांग दोहराई। इस दौरान लिपिक संघ जिलाध्यक्ष आलोक वैष्णव, अभिलेख सिंह, हर्ष मानिकपूरी, उमराव रजक, सेवक देवांगन, अभिषेक ठाकुर, बंशीलाल अग्रवाल, रजिया बेगम, सुनील मरकाम, दूर्गेश सिंह सहित लिपिक संघ के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे ।
30 लिपिक संभाल रहे जिला कार्यालय की व्यवस्था
जिला निर्माण के बाद जिला कार्यालय मे विभिन्न विभागों के सफल संचालन के लिए शिक्षा विभाग के जिला भर से 30 से अधिक लिपिको को जिला कार्यालय मे विभागीय जिम्मेदारी दी गई है। जिला कार्यालय में संचालित सभी विभागो के कार्यों का संचालन भी शिक्षा विभाग के लिपिक ही कर रहे है। ऐसे मे विभाग के ही व्याख्याता द्वारा लगातार दुर्व्यवहार से लिपिक संघ नाराज और आक्रोशित है । व्याख्याता को हटाने संघ ने अल्टीमेटम देते कार्यवाही नही होने पर कमल बंद हड़ताल करने की चेतावनी दी है ।
लिपिक संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन को कलेक्टर के पास प्रेषित किया जाएगा। लिपिको को अपने कार्य लगन से करने कहा गया है।
मामले में कलेक्टर ही फैसला लेंगें ।
Ds राजपूत एस डी एम खैरागढ़
