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300 प्रभावितों को सुरक्षित स्थानाें पर पहुंचाया: राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर से संपर्क टूटा,

आधा दर्जन वार्डों में घुसा पानी, मुसीबत में लोग

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300 प्रभावितों को सुरक्षित स्थानाें पर पहुंचाया: राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर से संपर्क टूटा, आधा दर्जन वार्डों में घुसा पानी, मुसीबत में लोग

आमनेर ने दिखाया रौद्र रूप, 19 साल बाद खैरागढ़ में बाढ़

ईतवारीबाजार, तुरकारीपारा, दाउचौरा, आम्बेडकर वार्ड में 8 फीट तक भरा पानी, दुकान,मकान खाली करने सुबह से मशक्कत

 

 

शैलेन्द्र मिश्रा/खैरागढ़:- शहर में 19 साल बाद फिर से बाढ़ ने कहर बरपाया। सोमवार देर शाम से शुरू हुई झमाझम बारिश दूसरे दिन मंगलवार दोपहर तक लगातार जारी रही। इसका असर नदियों पर पड़ा।

 

आमनेर नदी का जलस्तर अल सुबह से बढ़ने के चलते बाढ़ का पानी शहर में घुसने लगा। सुबह तीन बजे से शहर के ईतवारी बाजार इलाके में सबसे पहले बाढ़ का पानी घुसा। लगभग आधा दर्जन वार्ड आबेडकर वार्ड, धरमपुरा, तुरकारीपारा, दाउचौरा शिवमंदिर और टिकरापारा इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए। शहर के सबसे व्यस्ततम ईतवारी बाजार में सुबह से ही दुकानदार और रहवासी दुकान और मकान खाली करने में जुटे रहे।

 

इस दौरान बाढ़ के पानी का जलस्तर लगातार बढ़ने के चलते कई दुकानों और मकानों से सामान ही नही निकल पाया। बाढ़ की सूचना के बाद सुबह से अलर्ट हुई प्रशासन की टीम ने मोर्चा संभाला। बाढ़ ग्रस्त इलाको और निचली बस्तियों को खाली कराकर सुरक्षित स्थानों पर लोगो को पहुंचाने कार्यवाही शुरू की गई। सांस्कृतिक भवन, मंगलभवन, प्राशा सहित कई जगहो पर बाढ़ प्रभावित परिवारो को सुरक्षित पहुंचाकर उनके रहने और खाने की व्यवस्था बनाई गई।

 

प्रधानपाठ में बढ़े जलस्तर का असर

 

शहर में बाढ़ के हालात आमनेर नदी में बढे़ जलस्तर के चलते बने। 19 साल बाद आमनेर ने फिर से रौद्र रूप दिखाया। प्रधानपाठ बैराज में पानी का बहाव संभालने पानी छोड़ना पड़ा। महाराष्ट्र और मप्र सीमा स्थित पहाड़ियों से लगातार पानी का बहाव बढ़ने के चलते आमनेर में जलस्तर लगातार बढ़ा। प्रधानपाठ बैराज में देररात जलस्तर का दबाव बढ़ने से 443 क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा गया। जो शहर में बाढ़ बनकर घुसा। 19 साल पहले 2005 में आई बाढ़ के बाद यह मंजर लोगाें ने दोबारा देखा। इस दौरान सुबह से हो रही जोरदार बारिश के चलते भी राहत और बचाव कार्य काफी ज्यादा प्रभावित हुआ। राजस्व, नगर पालिका, पुलिस प्रशासन व्यवस्था संभालने सुबह से जुटी रही। एसडीएम टंकेश्वर साहू, नपा सीएमओ प्रमोद शुक्ला सहित पुलिस टीम शहर में व्यवस्था बनाते रहे। आमनेर के बौराने के दौरान पिपरिया और मुस्का नदी का जलस्तर भी काफी ज्यादा बढ़ गया। हालांकि दोनाें नदियों में जलस्तर ज्यादा नहीं बढ़ने के चलते बाढ़ भयावह रूप नहीं ले पाई।

 

बाढ़ का सबसे ज्यादा असर ईतवारी बाजार, आम्बेडकर वार्ड तुरकारीपारा इलाके में पड़ा। ईतवारी बाजार में सुबह 9 बजे राजनांदगांव कवर्धा मार्ग पर 8 फीट से अधिक ऊंचाई तक पानी पहुंच गया। तुरकारीपारा और आम्बेडकर वार्ड के निचले इलाके भी पूरी तरह जलमग्न हो गए। पुराना बस स्टैण्ड और बस स्टैंड के पिछले इलाकों में भी कमर तक पानी भर गया। बाढ़ के चलते सुबह 5 बजे से ही राजनांदगांव, दुर्ग और रायपुर से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया। धमधा रायपुर मार्ग भी धरमपुरा पुल में बाढ़ का पानी बढ़ने से बंद हो गया। राजनांदगांव कवर्धा मार्ग कई जगह जलभराव के चलते बंद हो गए। शहर में टिकरापारा और शिवमंदिर मार्ग भी नालो में जलभराव होने के कारण शहर से पूरी तरह कटे रहे।

 

शहर में चारों ओर जलभराव हुआ

 

सुबह से ही बाढ़ का असर बढ़ने के चलते लोग अपना सामान बचाने मशक्कत करते रहे। ईतवारी बाजार इलाके में सुबह होने के पहले ही लोग दुकानों को खाली करने जुटे। वाहन लगाकर सामान निकालने का प्रयास लगातार चलता रहा। टिकरापारा, शिवमंदिर मार्ग जैसे इलाको में लोग अपने मवेशियों को सुरक्षित जगहो पर पहुंचाने का प्रयास करते रहे। बाढ़ की जानकारी नहीं होने के चलते कई जगहाें पर वाहनों, सामानाें को भारी नुकसान हुआ है। टिकरापारा इलाके में जलस्तर बढ़ने के चलते कई छोटे वाहन पानी में पूरी तरह डूबे रहे। राजनांदगांव-कवर्धा मार्ग पर ईतवारी बाजार के साथ-साथ जैन दादाबाड़ी भवन के पास भी जलभराव होने से आवाजाही दोपहर बाद तक बंद रही।

शहर में सन्नाटा, कार्यालय रहे बंद

सुबह से बाढ़ के चलते शहर में सन्नाटा पसरा रहा। सुबह से बारिश के चलते लोग घरो में ही दुबके रहे। दोपहर तक बारिश थमी तो लोग बाहर निकले। बाढ़ के चलते शहर के शासकीय कार्यालयो में भी सन्नाटा पसरा रहा। शहर पहुंचने वाले लोग बाढ़ के चलते कई स्थानों में ही फंसे रह गए। इसके चलते अधिकांश कार्यालयों में काम करने वाले कार्यालय नही पहुंच पाए। जबकि कवर्धा की ओर से आने वाले वाहन भी बाढ़ के चलते शहर से होकर नही गुजर पाए और गंतव्य के लिए जाने के बजाय उन्हें वापस होना पड़ा। प्रशासन ने व्यवस्था बनाने, बाढ़ ग्रस्त पुल पुलियों और नालो से लोगों और वाहनों की आवाजाही रोकने जवानों की तैनाती कर दी।

मंगलवार सुबह अचानक आई बाढ़ से शहर की निचली बस्तियों के 50 से अधिक परिवाराें के 3 सौ लोग प्रभावित हुए है। इन परिवाराें में बुजूर्ग, महिलाएं सहित बच्चे भी शामिल है। प्रशासन ने इन परिवारों को शिविर लगाकर ठहराया है। सुबह नाश्ते पानी की व्यवस्था के बाद इनके रहने और खाने की पर्याप्त व्यवस्था बनाई गई है। दोपहर में बारिश थमने के बाद शहर के लोगो ने राहत की सांस ली और व्यवस्था बनाने में तेजी आई। दोपहर एक बजे के बाद बाढ़ का पानी भी उतरने लगा।

व्यवस्था बनाई गई

शहर में बाढ़ के चलते निचली बस्तियों में पानी घुसा है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने और खाने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सुरक्षा टीम भी तैनात है। शाम को असर कम हुआ है। अन्य प्रभावितों की जानकारी भी ले रहे हैं। जानमाल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।

टंकेश्वर साहू, एसडीएम खैरागढ़


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