अनुकरणीय पहल सेवा की मिसाल बनी श्रीराम गौसेवा समिति, मवेशियों के लिए कोटना वितरण बीमार मवेशियों का इलाज कर चारा-पानी की भी व्यवस्था

अनुकरणीय पहल
सेवा की मिसाल बनी श्रीराम गौसेवा समिति, मवेशियों के लिए कोटना वितरण बीमार मवेशियों का इलाज कर चारा-पानी की भी व्यवस्था
शहर की अन्य संस्थाएं भी जुड़ रहीं
खैरागढ़. भीषण गर्मी में जहां इंसान बेहाल हैं, वहीं सड़कों पर भटक रहे बेजुबान मवेशियों के सामने चारे और पानी का संकट गहराने लगा है। ऐसे समय में श्रीराम गौसेवा समिति के युवा स्वयंसेवक सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल पेश कर रहे हैं। समिति द्वारा शहर के वाडौँ, चौक-चौराहों और प्रमुख मार्गों में निःशुल्क कोटना वितरित कर मवेशियों के लिए चारा पानी की व्यवस्था बनाई जा रही है। समिति पिछले तीन वर्षों से लगातार इस अभियान को चला रही है। युवा सदस्य स्वयं शहर के अलग अलग इलाकों में पहुंचकर कोटना रखवा रहे हैं और लोगों से मवेशियों के लिए पानी और चारे की व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। गर्मी में भटकते मवेशियों को राहत देने के लिए यह पहल शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
50 से अधिक स्थानों पर कोटना रखे जा चुके हैं
समिति के सदस्य शिवम ताम्रकार ने बताया कि इस वर्ष गर्मी शुरू होने के बाद से अब तक शहर के 50 से अधिक स्थानों पर कोटना रखे जा चुके हैं। इस बारम 100 कोटना लगाने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वर्ष भी समिति द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 200 से अधिक कोटना रखकर मवेशियों के लिए चारा-पानी की व्यवस्था की गई थी। श्रीराम गौसेवा समिति केवल गर्मी में ही नहीं, बल्कि सालभर सेवाभावी कार्यों में सक्रिय रहती है। कोरोना काल के दौरान समिति ने जरूरतमंद और बेसहारा लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया था। इसके अलावा कोरोना संक्रमित परिवारों की मदद के साथ-साथ घायल और बीमार मवेशियों की सेवा का कार्य भी लगातार किया जाता रहा है।

- समिति द्वारा संचालित एंबुलेंस के माध्यम से सड़क दुर्घटना या बीमारी से घायल मवेशियों का मौके पर पहुंचकर उपचार किया जाता है। सेवा कार्यों से प्रभावित होकर अब शहर की कई सामाजिक संस्थाएं और समाजसेवी भी इस अभियान में सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं। समिति ने शहरवासियों से अपील की है कि गर्मी के दिनों में अपने आसपास मवेशियों के लिए पानी और चारे की व्यवस्था जरूर करें, ताकि बेजुबान जानवरों को राहत मिल सके।

