डीईओ सख्तः 13 सरकारी स्कूलों का बोर्ड रिजल्ट फेल, कार्रवाई की चेतावनी खराब परिणाम आने पर प्राचार्यों को नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब

डीईओ सख्तः
13 सरकारी स्कूलों का बोर्ड रिजल्ट फेल, कार्रवाई की चेतावनी
खराब परिणाम आने पर प्राचार्यों को नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब

खैरागढ़. जिले के सरकारी स्कूलों का इस बार बोर्ड परीक्षा परिणाम शिक्षा विभाग के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गया है। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में बेहद खराब प्रदर्शन करने वाले 13 शासकीय स्कूलों के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) मुकुल साव ने सख्त रुख अपनाया है। कमजोर रिजल्ट पर संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। डीईओ द्वारा जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि बोर्ड परीक्षाओं में कमजोर परिणाम अध्ययन-अध्यापन में लापरवाही, विद्यार्थियों की सतत मॉनिटरिंग में कमी और शिक्षकीय उदासीनता का परिणाम है। जिले में बड़ी संख्या में छात्रों के फेल और पूरक आने को विभाग ने गंभीरता से लिया है।
कृषि संकाय का परिणाम मात्र 34 प्रतिशत दर्ज
खैरागढ़ ब्लॉक के जालबांधा पीएमश्री स्कूल में 10वीं का रिजल्ट 54 प्रतिशत रहा, जबकि जिला मुख्यालय स्थित आत्मानंद बख्शी स्कूल में 12वीं कृषि संकाय का परिणाम मात्र 34 प्रतिशत दर्ज किया गया। शिक्षा विभाग ने इन परिणामों को बेहद गंभीर मानते हुए संबंधित प्राचार्यों से जवाब तलब किया है। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले के सरकारी स्कूलों में हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना होगा कि खराब परिणामों के लिए जिम्मेदार माने जा रहे प्राचार्यों और शिक्षकों पर विभाग क्या कार्रवाई करता है।
इन स्कूलों के परिणाम रहे चिंताजनक
जानकारी के अनुसार, छुईखदान ब्लॉक के 11 और खैरागढ़ ब्लॉक के 2 स्कूलों के प्राचार्यों को नोटिस जारी किया गया है। सबसे खराब स्थिति शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कटंगी की रही, जहां 10वीं का परीक्षा परिणाम मात्र 24 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि 12वीं कला संकाय का रिजल्ट 56 प्रतिशत रहा। शासकीय कन्या उमाशाला गंडई में 10वीं का परिणाम सिर्फ 25 प्रतिशत रहा। इसी तरह शासकीय हाईस्कूल ठंडार में 45 प्रतिशत, हाईस्कूल खुड़मुड़ी में 46 प्रति., हाईस्कूल कुटेलीकला में 53 प्रति., शाउमाशा बुंदेली में 54 प्रति., शाउमाशा धोधा में 56 प्रतिशत और शाउमाशा जंगल में 54 प्रतिशत छात्र ही परीक्षा में सफल हो सके। बारहवीं बोर्ड के परिणाम भी कई स्कूलों में बेहद निराशाजनक रहे। शाउमाशा बकरकट्टा में 12वीं कला का परिणाम केवल 20 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं शाउमाशा रामपुर में 51 प्रतिशत और स्वामी आत्मानंद स्कूल साल्हेवारा में 53 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही पास हो सके।

