कार्रवाई से हड़कंप, कई नाम और आ सकते हैं सामने शराब दुकान के कर्मचारी कर रहे थे यह खेल, संरक्षण का आरोप लंबे समय से चल रहा था मिलावट का कारोबार,

लंबे समय से चल रहा था मिलावट का कारोबार,
lखैरागढ़, खैरागढ़ में सरकारी शराब दुकान के कर्मचारियों की ओर से शराब में मिलावट कर बिक्री किए जाने के मामले में पुलिस जांच के बाद कई नए खुलासे सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धरमपुरा स्थित एक किराए के मकान में मिलावटी शराब तैयार की जा रही थी। इस शराब को सरकारी दुकान के माध्यम से बेचने के साथ-साथ नियमित रूप से अवैध शराब निकालने वाले कोचियों तक भी पहुंचाया जा रहा था। सूत्रों के अनुसार शुरुआती दौर में मिलावटी शराब की बिक्री सीधे सरकारी दुकान से की जा रही थी। हालांकि पिछले एक माह से अंग्रेजी ब्रांड “गोवा” की शराब दुकान में नहीं पहुंच रही थी और नई पैकेजिंग वाली प्लास्टिक बोतलों में शराब आने लगी थी। इसी का फायदा उठाकर आरोपी मिलावटी शराब को सीधे कोचियों तक सप्लाई कर भारी मुनाफा कमा रहे थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि शराब की बॉटलिंग और रीफिलिंग के लिए इस्तेमाल हो रही खाली शीशियां, स्टीकर और लोगो आरोपियों को कहां से और कैसे उपलब्ध हो रहे थे।
सेल्समैन और सुपरवाइजर की संलिप्तता के कारण लंबे समय तक इस पूरे मामले की भनक किसी को को नहीं लग पाई। बताया जा रहा है कि करीब पिछले पांच माह से अधिक समय से मिलावटी शराब बनाकर बेचने का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था।
सरकारी शराब दुकान के सेल्समैन और सुपरवाइजर द्वारा ही शराब निकालकर मिलावट करने और बेचने के मामले के खुलासे के बाद आबकारी विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस जहां विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की संभावित भूमिका की जांच कर रही है, वहीं आबकारी विभाग ने भी अपने स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी है। आबकारी अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर सेल्समैन और सुपरवाइजर की ही संलिप्तता सामने आई है
पांच माह पहले नकली शराब तैयार कर कोचियों तक पहुंचाने के मामले में हुई पुलिस कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों ने इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया था।
सुपरवाइजर के अलावा विभागीय संलिप्तता सामने नहीं आई है। अधिकारियों के अनुसार पुराने और अनुभवी शराब सेल्समैन कुछ पुराने आरोपियों के संपर्क में आने के बाद इस प्रकार की गड़बड़ी सामने आई। मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश गौतम ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विवेचना जारी है और जांच में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आने की संभावना है। पुलिस ने सेल्समैन और सुपरवाइजर की गिरफ्तारी के बाद अब विभागीय और अन्य संभावित संलिप्तताओं की भी जांच शुरू कर दी है।


