साल भर से अटकी 132 करोड़ की लमती फीडर जलाशय परियोजना का टेंडर विभाग ने किया निरस्त,

साल भर से अटकी 132 करोड़ की लमती फीडर जलाशय परियोजना का टेंडर विभाग ने किया निरस्त,
साल भर पहले हुआ टेंडर ठेकेदारो की लड़ाई मे उलझा, सीएम साय ने 9 माह पहले किया था भूमिपूजन
खैरागढ़ । खैरागढ जिले सहित राजनांदगांव जिले के असिंचित इलाको मे सिंचाई सुविधा पहुँचाने स्वीकृत किए गए लमती फीडर परियोजना के टेंडर आखिरकार जल संसाधन विभाग ने निरस्त कर दिए। जिले के महाराष्ट और मप्र सीमा पर बसे लक्षणाटोला के घने जंगलो के बीच बनने वाले बहुप्रतीक्षित लमती फीडर बैराज योजना चार साल की मेहनत के बाद स्वीकृत की गई थी । सालभर पहले ही लमती फीडर परियोजना के 137 करोड रू के बैराज का टेंडर विभाग ने जारी किया था। परियोजना से खैरागढ़ सहित राजनांदगांव जिले के लगभग 28 गांवो मे सिंचाई होनी थी। परियोजना की कुल लागत राशि 242 करोड़ रू है। इसमे बैराज निर्माण के साथ साथ विस्थापन और अधिग्रहण कार्य भी शामिल किए गए थे। पिछले साल सितंबर मे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने परियोजना का जिला मुख्यालय पहुँच भूमिपूजन भी किया था ।
न्यायालीन प्रक्रिया मे उलझा रहा टेंडर
लमती फीडर परियोजना के लिए पिछले साल अगस्त मे टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई गई थी। टेंडर खुलने के बाद मामले में दो ठेकेदार दस्तावेजी प्रक्रिया को लेकर आमने सामने आ गए। टेंडर प्रक्रिया न्यायालय तक पहुँच गई। उच्चन्यायालय से उच्चतम न्यायालय तक प्रक्रिया उलझी रही । इसके चलते टेंडर होने के बाद भी इसका निर्माण कार्य समय पर शुरू नही हो सका । न्यायालयीन प्रक्रिया में देरी के चलते इसके लिए पिछले साल घोषित बजट भी लेप्स होने की कगार पर पहुँच गया। विभागीय तौर पर इसे शुरू कराने काफी प्रयास हुए लेकिन मामला नही सुलझ पाया। जलसंसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता द्वारा 11 जून को लमती फीडर परियोजना को निविदा प्रपत्र का अनुमोदन छग सिंचाई परियोजना मंडल से नही होने के चलते और निविदा प्रक्रिया को अपूर्ण बताते निविदा निरस्त करने के आदेश दिए। इसके बाद जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता ने 11 जून को ही लमती फीडर परियोजना के किए गए टेंडर को निरस्त कर दिया। अब देरी के बाद अगले कुछ महीनो में इसकी प्रक्रिया फिर से कराई जाएगी।
108 परिवार होगें विस्थापित, 170 हेक्टयेर भूमि डूबान
लमती नाला बैराज निर्माण की जद में आने वाले लक्षणाटोला गांव प्रभावित होगा। गांव मे निवासरत 108 परिवार को विस्थापित किए जाने की तैयारी है। बैराज के डूबान में कुल 170 हेक्टेयर भूमि आ रही है। जिसमें से 93 हेक्टेयर भूमि कृषि जमीन है। लक्षणाटोला के अलावा किसी अन्य गांव मे इसका प्रभाव नही होगा ।। डूबान क्षेत्र मे आने वाले किसानों, परिवारो और ग्रामीणों को मुआवजा सहित विस्थापन प्रक्रिया कराई जानी है।
9 एमसीएम स्टोरेज, 115 वर्ग किमी होगा कैंचमेंट
लमती नाला बैराज निर्माण के बाद इसमे 9 एमसीएम पानी स्टोरेज किया जा सकेगा। बैराज का कुल कैंचमेंट एरिया 115 वर्ग किमी होगा। लमतीनाला बैराज से स्टोरेज समस्या का समाधान होगा। सिंचाई के लिए बारह माह पानी मिल सकेगा। बैराज निर्माण से खैरागढ़ जिले के भंडारपूर, जगन्नाथपुर मुढ़ीपार इलाके के साथ साथ राजनांदगांव जिले के असिंचिंत क्षेत्र बिजनापूर, मुढ़िया, तेंदुभाठा, बसंतपूर, केशली, चैतुखपरी, मनकी, खुड़मुड़ी, पूरेना, कोहियापूरी, जारवाही, ठेकवा, सिवैनीकला, मोहारा, सहसपूर, सलटिकरी, अनिया, रूआतंला, नवागांव, पेंडरी, बिल्हारी, कसाटी बम्हनी धनगांव टिकरापारा टोला और सुकुल दैहान जैसे इलाके के 977 हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई होगी ।
विभागीय प्रक्रिया और परिपालन मे लमती फीडर परियोजना के निर्माण कार्य का टेंडर निरस्त किया गया है इसे फिर से लगाया जाएगा । उसके बाद ही कार्य शुरू होंगे ।
केतन साहू सहायक अभियंता जलसंसाधन विभाग खैरागढ़

