जनपद कार्यालय भवन के मरम्मत कार्य पर उठे सवाल,
बिना अनुमति, ले-आउट और तकनीकी निगरानी के काम कराने का आरोप, कार्य एजेंसी की भूमिका भी जांच के घेरे में,

जनपद कार्यालय भवन के मरम्मत कार्य पर उठे सवाल,
बिना अनुमति, ले-आउट और तकनीकी निगरानी के काम कराने का आरोप, कार्य एजेंसी की भूमिका भी जांच के घेरे में,
बिना प्रक्रिया के मरम्मत कार्य कराने का आरोप,
प्रदीप बोरकर खैरागढ़। जनपद पंचायत छुईखदान कार्यालय भवन में चल रहे मरम्मत कार्य को लेकर गंभीर शिकायत जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा आवश्यक अनुमति, ले-आउट एवं निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना कार्य एजेंसी तय कर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि यदि आरोप सही हैं तो यह शासकीय भवन में कराए जा रहे कार्य की प्रक्रिया और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच पूरी होने तक संबंधित कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
खैरा नवापारा को एजेंसी बनाने पर उठे सवाल
शिकायत में कार्य एजेंसी के निर्धारण को भी जांच का प्रमुख बिंदु बनाया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जनपद पंचायत कार्यालय भवन के मरम्मत कार्य के लिए ग्राम पंचायत खैरा नवापारा को कार्य एजेंसी बनाया गया है। इसे लेकर सवाल उठाया गया है कि संबंधित ग्राम पंचायत को इस कार्य की जिम्मेदारी किस नियम और किस सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के तहत दी गई। शिकायतकर्ता ने एजेंसी बनाए जाने से लेकर कार्य शुरू कराने तक के सभी आदेश, स्वीकृति और दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने की मांग की गई है कि कार्य एजेंसी का निर्धारण नियमानुसार हुआ है या नहीं।
तकनीकी निगरानी और गुणवत्ता की भी होगी असली परीक्षा
मरम्मत कार्य में तकनीकी मार्गदर्शन और गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत में सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कार्य आवश्यक तकनीकी निगरानी के बिना कराया जा रहा है और इसकी गुणवत्ता भी संदिग्ध है। ऐसे में कार्य का स्थल निरीक्षण, ले-आउट, माप पुस्तिका, तकनीकी स्वीकृति, कार्यादेश, उपयोग की गई सामग्री तथा अब तक किए गए कार्य और खर्च की जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सरकारी भवन में शासकीय राशि खर्च हो रही है, इसलिए कार्य की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता का मौके पर सत्यापन जरूरी है।
काम पर रोक से लेकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने जिला पंचायत सीईओ से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, जांच पूरी होने तक मरम्मत कार्य पर रोक लगाने तथा अब तक खर्च की गई शासकीय राशि का परीक्षण कराने की मांग की है। शिकायत में नियमविरुद्ध कार्य एजेंसी बनाए जाने या कार्य कराने की पुष्टि होने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई और यदि वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होती है तो राशि की वसूली की मांग भी की गई है। वहीं प्रभारी सीईओ के विरुद्ध निलंबन अथवा बर्खास्तगी की मांग भी शिकायत में रखी गई है। हालांकि फिलहाल ये आरोप शिकायतकर्ता के दावों तक सीमित हैं और मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मरम्मत कार्य में वास्तव में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
कार्यादेश जारी नहीं हुआ है तो जनपद पंचायत कार्यालय में मरम्मत कार्य अभी शुरू होने का सवाल ही नहीं है। इस कार्य से संबंधित पूरी जानकारी उन्हें अभी उपलब्ध नहीं है। हमारे पंचायत के काम को तकनीकी सहायक गौतम पूरी देखते है.
प्रकाश जंघेल, सरपंच ग्राम पंचायत खैरा नवापारा
जनपद पंचायत कार्यालय भवन में खैरा नवापारा को एजेंसी बनाकर चल रहे छत रिपेयरिंग कार्य की उन्हें जानकारी नहीं है।
गौतम पुरी, इंजीनियर आरईएस छुईखदान
शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कराई जाएगी।
प्रेम कुमार पटेल, सीईओ जिला पंचायत केसीजी



