विवि प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू,नगर बंद का एलान,
संपर्क केन्द्र की जगह राजधानी मे संगीत विवि के अध्ययन केन्द्र खोले जाने पर शहर में भड़का विरोध

संपर्क केन्द्र की जगह राजधानी मे संगीत विवि के अध्ययन केन्द्र खोले जाने पर शहर में भड़का विरोध,
मशाल रैली निकाल,
विवि प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू,नगर बंद का एलान,
इधर विवि प्रशासन की सफाई,
विवि का विघटन नही विस्तार किया जा रहा लाभ विवि को ही मिलेगा,
शैलेंद्र मिश्रा खैरागढ़ । संगीत विवि के राजधानी रायपूर में अध्ययन केंद्र शुरू होते ही शहर में विवि प्रशासन के खिलाफ विरोध की आग भड़क उठी है। संपर्क केन्द्र बनाए जाने के बाद विवि प्रशासन द्वारा राजधानी रायपुर में सीधे तौर पर अध्ययन केन्द्र शुरू करने के खिलाफ विरोध बढ़ गया है इसे संगीत विवि को तोड़ने का प्रयास बताते शहर में रविवार को विरोध स्वरूप मशाल रैली निकाल कर रायपूर में संचालित होने वाले अध्ययन केन्द्र को पूरी तरह बंद किए जाने की मांग उठी । संगीत विवि कुलपति ममता चंद्राकर के खिलाफ भी शहर में मशाल रैली के दौरान जमकर नारेबाजी हुई। शहर वासियों ने इसका विरोध दर्ज कराते कहा कि प्रदेश सरकार ने संगीत विवि का सूचना केन्द्र राजधानी में खोलने का प्रस्ताव किया था ताकि संगीत विवि में आने वाले अन्य प्रदेशो देशों के छात्रो को समय पर जानकारी दी जा सके। लेकिन इसकी जगह विवि प्रशासन रायपुर में अध्ययन केन्द्र की शुरूआत कर चुका है। इसका व्यापक असर शहर में संगीत विवि को पड़ेगा। इसको लेकर शहर में तीखी प्रतिक्रिया और विरोध शुरू हो गया है। रायपुर में सूचना केंद्र की जगह अध्ययन केंद्र खोले जाने के बाद शहर के लोगो ने इस खैरागढ़ के भावनात्मक पहचान और अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर का हवाला देते कहा कि संगीत विवि के ऐसे ब्रांच खोलने से इस विश्वस्तरीय संस्था सहित शहर पर बुरा असर पड़ेगा। नाराज लोगो ने इसे संगीत विवि कुलपति द्वारा निजी स्वार्थ के चलते विवि के दो टुकड़े करने का कदम बताया है ।
विघटन नही विवि का विस्तार होगा, तो फायदा मिलेगा विवि प्रशासन
लगातार विरोध के चलते विवि प्रशासन ने सोमवार को प्रेसवार्ता बुलाकर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया विवि के सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता मे कुलपति ममता चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि रायपूर मे खोले गए अध्ययन केन्द्र विवि के अधीन केवल डिप्लोमा कोर्स ही संचालित करेगा। जिन विद्यार्थियों को संगीत विवि में निर्धारित सीट के चलते प्रवेश नही मिल पाता उन्हें वहाँ आसानी होगी । चंद्राकर ने कहा कि रायपूर अध्ययन केन्द्र की योजना 2014 में बनी थी जिसे शासन ने स्वीकार किया था। अध्ययनकेन्द्र रायपूर के साथ प्रदेश सरकार ने अंबिकापूर, बस्तर, दूर्ग और बिलासपूर मे नवीन संगीत महाविद्यालय खोले जाने की स्वीकृति भी दी है। चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि नई शिक्षा नीति के तहत इसे स्वीकृति मिली है । वहाँ सरकार ने अलग से पद स्वीकृत किए हैं। विवि को कोई नुकसान नहीं होगा। बल्कि विवि के हितो में इससे बढ़ोत्तरी होगी । विवि अब राजधानी स्तर पर संगीत विवि को प्रभाव दिखाने में सफल होगा । चंद्राकर ने सभी भ्रम और संशय पर विराम लगाते कहा कि इसमे विवि और सरकार की मंशा स्पष्ट है केवल संगीत विवि का विस्तार किया जा रहा है। विद्यार्थियों के हित में यह पहल की गई है। इसका फायदा संगीत विवि को मिलेगा। संगीत विवि कही नही जाएगी । इसकी शाखा का विस्तार किया जा रहा है। रायपूर स्थित अध्ययनकेन्द्र में थियेटर, लोक संगीत, फैशल डिजाईन के एक वर्षीय डिप्लोमा, योग एवं दर्शन के एक वर्षीय डिप्लोमा सहित चार्तुमासिक पाठयक्रम और दृश्यकला के द्विवर्षीय आर्ट एप्रिसियेशन कोर्स का संचालन होगा। इनकी डिग्री के लिए छात्रो को संगीत विवि में ही अध्ययन करना होगा ।
आज नगर बंद को कई संगठनो का मिला समर्थन
रायपूर में संगीत विवि के अध्ययन केन्द्र संचालन शुरू होने के विरोध में आज बुलाए गए नगर बंद को व्यापारी संघ, अधिवक्ता संघ सहित विभिन्न संघ संगठनो ने अपना समर्थन दिया है। इसके अलावा कई चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी है।
