प्रशासन के साथ संगठनों ने प्रभावितों को राहत देने चलाया अभियान: बाढ़ में फंसे लोगाें को कराया भोजन
उतरा बाढ़ का पानी, दिखा तबाही का मंजर, मकान व दुकानों में लाखाें के सामान तबाह

प्रशासन के साथ संगठनों ने प्रभावितों को राहत देने चलाया अभियान: बाढ़ में फंसे लोगाें को कराया भोजन
उतरा बाढ़ का पानी, दिखा तबाही का मंजर, मकान व दुकानों में लाखाें के सामान तबाह
शैलेन्द्र मिश्रा/खैरागढ़:- शहर में मंगलवार को आई बाढ़ के बाद बुधवार सुबह तबाही का मंजर दिखा। मंगलवार को बाढ़ का असर शहर में देररात तक रहा। आधी रात शहर में भरा पानी कम होने लगा। इस दौरान लोग हलाकान होते रहे। बुधवार सुबह दुकानों, मकानों में घुसे पानी निकलने के बाद लोग सफाई और अन्य व्यवस्था बनाने जुटे। बाढ़ उतरने के बाद ईतवारीबाजार में सबसे ज्यादा नुकसान दिखा। यहां 100 से अधिक छोटे बडे़ दुकानों में बाढ़ का पानी घुसनें के चलते लाखों के सामान खराब हो गए।
ईतवारीबाजार के सब्जी मार्केट स्थित नगरपालिका काम्पलेक्स की दुकानों में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। किराना, दवाई, सब्जी,कृषि केन्द्रों, सीएससी सेंटरों, होटलों इलेक्ट्रानिक, अनाज दुकानों में पानी घुसने से सबसे ज्यादा सामान खराब हो गए। दुकानदारों ने बताया कि मंगलवार को आई बाढ़ इतनी तेजी से बढ़ी कि सुबह से दुकानों से सामान निकालने का मौका नही मिला। कई कच्ची और तंबू लगाकर बनाई दुकानें बाढ़ में पूरी तरह बह गई। राजनांदगांव कवर्धा मुख्य सड़क भी महामाया मंदिर के पास काफी ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गया है।

तीन बच्चों सहित फंसी महिला को पहुंचाया घर
मंगलवार दोपहर बाद अपने ससुराल जाने निकली महिला भी अपने तीन बच्चों के साथ शहर में आकर फंस गई। पालिका प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बाद महिला और बच्चों को राहत शिविर में ले जाकर रहने और भोजन का प्रबंध किया फिर वाहन की व्यवस्था बनाकर गंतव्य तक छोड़नें भेजा गया। इसी तरह दुर्ग राजनांदगांव, धमधा से आने वाले यात्री भी बाढ़ के चलते मुख्य मार्र्गो में ही शहर के आऊटरों पर फंसे रहे। कवर्धा की ओर आवाजाही चालू रही। लेकिन कवर्धा से खैरागढ़ होकर अन्य जगह जाने वाले लोगों को बाढ़ में फंसना पड़ा। दिनभर काटने के बाद कई लोग परिवार सहित रात में भी मुश्किलों में शहर में रात गुजारने मजबूर रहे। बुधवार सुबह ऐसे लोग अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।
एटीएम ,राशन दुकान में घुसा पानी, खराब हुए सामान

बाढ़ का व्यापक नुकसान दुकानदारों मकानों को उठाना पड़ा है। ईतवारीबाजार में ही लाखो के नुकसान की आशंका है। यहां दुकानों में रखे सामान समय पर नही निकाल पाने के चलते बाढ़ के पानी में भीग कर पूरी तरह खराब हो गए हैं। बुधवार सुबह बाढ़ उतरने के बाद दुकान खोल कर दुकानदारों ने नुकसान का मंजर देखा। कई ठेले नुमा दुकान पूरी तरह धराशाई हो गए। तो कई दुकानों के सामान भी बाढ़ में बह गए। ईतवारी बाजार के साथ साथ तुरकारीपारा, पूराना स्टैंड के कई दुकानों में भी बाढ़ से बड़ा नुकसान होने की आशंका है। दाउचौरा में भी बाढ़ का पानी घुसनें से सरकारी राशन दुकान में राशनकार्डधारियों को वितरित करने रखा चांवल और राशन पानी में भीग गया। ईतवारी बाजार में संचालित स्टेट बैंक एटीएम भी पानी में डृबा रहा। बाढ़ का पानी भरने से एटीएम सुविधा ठप्प हो़ गई। कई दुकानों से सामान बाढ़ में बह गए। सुबह से लोग अपना सामान ढूंढते रहे। ईतवारीबाजार सहित कई जगहो पर तबाही का मंजर सुबह से दिखता रहा।
मुआवजे की आस, जनप्रतिनिधियों ने भी देखा मंजर
मंगलवार को आई बाढ़ के बाद बुधवार को तबाही का मंजर देख प्रशासनिक अधिकारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी हतप्रभ रहे गए। दुकानों में घुसे बाढ़ के पानी से हूए नुकसान की भरपाई तो संभव नही है लेकिन दुकानदारों को सरकार से मुआवजे की आस बंधी है। बाढ़ ग्रस्त इलाको की दुकानों में लाखो के नुकसान की आशंका है। ऐसे में पिछले बार की तरह राहत के रूप में मुआवजे से प्रभावितों के जख्म काफी हद तक भर पाएगें। विधायक यशोदा वर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह,जिलाभाजपाध्यक्ष घम्मन साहू ने भी बाढ़ के दौरान और बुधवार को बाढ़ग्रस्त इलाको का दौरा कर तबाही और नुकसान देखा। एसडीएम टंकेश्वर साहू सहित पालिका सीएमओ प्रमोद शुक्ला भी ईतवारीबाजार सहित बाढ़ग्रस्त इलाको में पहुंचे ओैर व्यवस्था बनाने निर्देश दिए। इस दौरान नगरपालिका द्वारा ईतवारीबाजार सहित बाढ़ ग्रस्त इलाको में त्वरित रूप से सफाई अभियान शुरू कराया गया। लोगो को बाढ़ के बाद एहतियात बरतने, बीमारियों से बचने की मुनादी भी कराई गई।
करेंगे प्रयास राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। बाढ़ ग्रस्त इलाकों का मुआयना किया गया है। शासन स्तर से जो भी आदेश मिलेगा उसके आधार पर राहत देने का प्रयास किया जाएगा।
टंकेश्वर साहू, एसडीएम खैरागढ़
