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नमो ड्रोन की उड़ान से सावित्री का हौसला सातवें आसमान पर..

केंद्र सरकार और इफको की ओर से निःशुल्क मिला "ड्रोन

Khabar Khairagariya

 

नमो ड्रोन की उड़ान से सावित्री का हौसला सातवे आसमान पर 

नमो ड्रोन की मदद से अपनी फसलों के साथ साथ 400 एकड़ से ऊपर रकबे पर कर चुकी है सिंचाई

आइए जानते हैं हमारे जिले की ड्रोन दीदी के बारे में

 

शैलेन्द्र मिश्रा/खैरागढ़:- विकासखंड खैरागढ़ के मुढ़ीपार के समीपस्थ ग्राम खपरीतेली निवासी श्रीमती सावित्री साहू का हौसला नमो ड्रोन स्प्रेयर उड़ाकर सातवें आसमान पर है, उन्हें इस बात की बेहद खुशी है कि लोग उन्हें अब ड्रोन दीदी के नाम से जानते हैं। ड्रोन दीदी की कहानी एक प्रेरणादायक उदाहरण है, वह बताती है कि पहले अपने पति प्रेमचंद साहू के साथ वह भी किसानी का काम करती थी, तकनीकी जानकारी न होने के कारण पहले अन्य किसानों की तरह स्पेयर में ही वे खाद अथवा कीटनाशक के छिड़काव में अपने पति की मदद करती थी। सावित्री की कहानी उन ग्रामीण महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण कि कैसे ग्रामीण महिलाएं अब उन्नत तकनीक और प्रशिक्षण का लाभ उठाकर न केवल अपनी आजीविका सुधार सकती हैं बल्कि, अन्य किसानों को भी लाभान्वित कर सकती हैं। श्रीमती सावित्री साहू ने इफको फर्टिलाइज़र कंपनी से ड्रोन पायलट का 15 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त कर किया है, प्रशिक्षण के उपरांत इन्हे कंपनी द्वारा एग्री ड्रोन स्प्रेयर मशीन एवं ड्रोन मशीन के परिवहन हेतु इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन एवं ड्रोन पायलट का लाइसेंस प्रदान किया गया है। दीदी कृषि में ड्रोन तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग कर रही है ड्रोन की मदद से फसलों में नैनो यूरिया, डी.ए.पी. और कीटनाशकों का छिड़काव करके उन्होंने किसानों के लिए समय और श्रम की बचत की है। इसके साथ ही ड्रोन तकनीक के माध्यम से किए गए छिड़काव से फसलों में उर्वरक का समान वितरण होता है और मृदा तथा जल प्रदूषण की समस्या भी कम होती है। इस तकनीक का इस्तेमाल करके उन्होंने 400 एकड़ फसल में छिड़काव किया और इससे 1,05,000 रुपये की आय अर्जित की। यह आय उनके आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सावित्री साहू की यह पहल न केवल महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक है, बल्कि यह दिखाती है कि आधुनिक कृषि तकनीक से कैसे कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है।उनका यह योगदान आसपास के गांव के अन्य किसानों और महिलाओं को भी प्रोत्साहित करेगा कि वे भी इस तरह की तकनीकों का उपयोग कर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।


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