खैरागढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई ऑनलाइन सट्टा और साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड सहित 4 गिरफ्तार

खैरागढ़ ! खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले की छुईखदान पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मुंबई से संचालित इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल और भारी मात्रा में एटीएम कार्ड जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय के ‘समन्वय पोर्टल’ और एनसीआरबी से मिली सूचना के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों की जांच की गई। जांच में पता चला कि छुईखदान निवासी दीपक निर्मलकर के बैंक खाते में ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के जरिए लगभग ₹1.69 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन हुआ था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अपना बैंक खाता ₹12,000 प्रति माह के किराए पर गिरोह को उपलब्ध कराता था।
*मुंबई के पलावा सिटी से संचालित था नेटवर्क*
आरोपी राहुल जंघेल ने पुलिस को बताया कि इस बैंक खाते का उपयोग मुंबई के पलावा सिटी में किराए के फ्लैट से संचालित ऑनलाइन गेमिंग एवं साइबर फ्रॉड गतिविधियों में किया जाता था। गिरोह का सरगना राहुल देवांगन था, जो नेटवर्क से जुड़े लोगों को ₹25,000 मासिक वेतन देता था। आर्थिक नुकसान के चलते चार महीने पहले उन्होंने मुंबई का काम बंद कर दिया था, लेकिन इसके बाद भी वे अपने-अपने क्षेत्रों में अलग-अलग तरीके से सक्रिय थे।

पुलिस ने इस मामले में छापेमारी कर 19 नग विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड,5 नग बैंक पासबुक और 14 नग मोबाइल फोन एवं 01 लैपटॉप जब्त किया है। वहीं खातों में फ्रीज की गई राशि सहित कुल ₹10.50 लाख का मशरूका बरामद किया है। वहीं आरोपी
दीपक निर्मलकर (निवासी नवागांव, लोधी) राहुल जंघेल (निवासी मैनहर) राहुल देवांगन (निवासी धरसींवा, रायपुर). विजय कुमार साहू (निवासी गगरिया खम्हरिया) को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पिछले दो वर्षों से ‘फेयर प्ले’, ‘रेड्डी अन्ना’, ‘जयराम’ और ‘शिवा बुक’ जैसे ऑनलाइन सट्टेबाजी एप्लीकेशनों के माध्यम से देशभर में जाल बिछा रहे थे। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
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