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परिणाम आने के बाद खुलने लगी सक्रियता की पोल

अपना वार्ड नहीं जीता पाए पार्षद और एल्डरमैन, नगर में पालिकाध्यक्ष ने बचाई कांग्रेस की लाज

Khabar Khairagariya

 

परिणाम आने के बाद खुलने लगी सक्रियता की पोल: पिपरिया, अमलीडीह और खम्हरिया वार्ड में ही कांग्रेस को बढ़त

अपना वार्ड नहीं जीता पाए पार्षद और एल्डरमैन, नगर में पालिकाध्यक्ष ने बचाई कांग्रेस की लाज

शैलेन्द्र मिश्रा /खैरागढ़:- चुनाव परिणामों में विभिन्न पदाें पर बैठे शहरी नेताआें की स्थिति बिगाड़ दी है। सत्ता में रहे कांग्रेस के शहरी नेताओं की सक्रियता और कार्यप्रणाली पर भी सवाल खडे़ हो गए हैं। नगरपालिका क्षेत्र में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार अभियान की कमान संभालने वाले कांग्रेस के पार्षदों को अपने वार्डों में मुंह की खानी पड़ गई है। कांग्रेस शहर के बीस वार्डों में से चार वार्डों में ही जीत पाई। लेकिन इन वार्डों में भी अंतर काफी कम रहा। बाकी वार्डों में भाजपा को बड़ी अंतर से जीत मिली।

पालिकाध्यक्ष शैलेन्द्र वर्मा के वार्ड में ही कांग्रेस की लाज बच पाई है। शहर के 20 वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा को नपाध्यक्ष शैलेन्द्र वर्मा के पिपरिया के दोनों वार्ड में कुल 249 मतों की बढ़त मिली। इसमें वार्ड एक में कांग्रेस को 554 भाजपा को 414 और वार्ड दो में कांग्रेस को 437 और भाजपा को 328 मत ही मिले। इसके अलावा पालिका के लोकनिर्माण सभापति और अमलीडीह वार्ड पार्षद शत्रुहन धृतलहरे के वार्ड में कांग्रेस 90 मतों से आगे रही। यहां कांग्रेस को 492 और भाजपा को 490 मताें से संतोष करना पड़ा।

सिविल लाइन स्थित खम्हरिया वार्ड में भी कांग्रेस को 30 मतों से बढ़त मिली। सभापति दिलीप लहरे के वार्ड में कांग्रेस को 304 भाजपा को 274 मत मिले। इसके बाद सभी वार्डों में भाजपा की लीड रही।

भाजपा को शहर से कुल 2311 मतों की बढ़त मिली। इसमें नपा उपाध्यक्ष रज्जाक खान, सभापति दीपक देवांगन, सुमन दयाराम पटेल, पुरूषोत्तम वर्मा, सुमित टांडिया, पार्षद दीलिप राजपूत कांग्रेस को जीत दिलाने में असफल रहे। इसके अलावा एल्डरमैन मनराखन देवांगन, किरण झा, पलाश सिंह, आरती यादव, रतन सिंगी के वार्डों में भी भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की। पालिका क्षेत्र में भाजपा को कुल 8017 और कांग्रेस को 5706 मत मिले। शहर सीमा में कुल 14228 लोगों ने मतदान किया था।

कांग्रेस को चुनाव में 49.26 फीसदी और भाजपा को 46.16 फीसदी मत मिले। भाजपा को पिछले चुनाव के लिहाज से 16 हजार अधिक मत मिले। जबकि कांग्रेस के मतों में भी 2 हजार से अधिक का इजाफा हुआ।

विधानसभा के 283 मतदान केन्द्रों में कांग्रेस को 158 और भाजपा को 125 बूथों में जीत मिली। तीसरे स्थान पर रही नोटा को 1.27 फीसदी लोगों का साथ मिला। जमानत जब्त होने वाले 9 प्रत्याशियों में कोई भी एक फीसदी मत भी नहीं पा सका।

भाजपा के वोटों में रिकॉर्ड बढ़त, कांग्रेस को 49 फीसदी मत
विधानसभा चुनाव में मतदाताओ की बढ़ी संख्या का सबसे ज्यादा फायदा भाजपा को मिला। डेढ़ साल पहले हुए उपचुनाव के दौरान कांग्रेस को 87 हजार और भाजपा को 67 हजार मत मिले थे। उस दौरान विधानसभा में 2 लाख 15 हजार से अधिक मतदाता थे। इस चुनाव में मतदाताआें की संख्या बढ़कर 2 लाख 19 हजार 737 हो गई थी। जिसमें से 1 82109 मतदाताओ ने मतदान में हिस्सा लिया। इसमें कांग्रेस को 89704 और भाजपा को 84070 मत मिले।

सभापति और एल्डरमैन के वार्ड धराशायी

शहर के गंजीपारा वार्ड तीन में कांग्रेस पार्षद होने के बाद भी भाजपा को सबसे ज्यादा 331 मतों की बढ़त मिली वार्ड में भाजपा प्रत्याशी विक्रांत सिंह का निवास है। इसके बाद ठाकुरपारा और बरेठपारा वार्ड में दूसरीबड़ी लीड भाजपा को 318 से, राजफेमली वार्ड से 269 मतों की लीड मिली। धरमपुरा किलापारा वार्ड में भी भाजपा को 237, ईतवारीबाजार वार्ड में 236, सोनेसरार वार्ड में 187, तुरकारीपारा वार्ड में 169, लालपुर वार्ड में 156, अमलीपारा वार्ड में 156 गोलबाजार और अंबेडकर वार्ड के संयुक्त बूथ में 123, टिकरापारा वार्ड में 120, दाउचौरा वार्ड 17 में 109, धनेली वार्ड में 104 माेंगरा वार्ड में 92, दाउचौरा वार्ड 16 में 73 मतों की जीत मिली।

दावेदारी करने वाले नहीं दिला पाए लीड

विधानसभा चुनाव के पहल कांग्रेस से विधानसभा टिकट की दावेदारी करने वाले आधे से ज्यादा दावेदार भी अपने गांव इलाकाें में कांग्रेस को जीत नहीं दिला पाए। चुनाव पूर्व समाज विशेष को टिकट नहीं देने को लेकर अपनी दावेदारी सामने रखने और रायपुर तक दौड़ लगाने वाले कांग्रेसी नेताओं में से आधे से ज्यादा नेताआें के क्षेत्र में कांग्रेस को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इसमें गंडई, साल्हेवारा, छुईखदान ग्रामीण इलाके के ऐसे नेता शामिल हैं जो अपनी दावेदारी के लिए जोड़तोड़ में जुटे थे। परिणामों में इन नेताओं के इलाके में भाजपा की सेंधमारी कामयाब हो गई।

भाजपा की लीड घटी

शहर में हालांकि भाजपा की 23 सौ मतों से जीत जरूर मिली। लेकिन मेहनत और कार्यकर्ताओं के दम पर भाजपा को अपेक्षानुसार बढ़त नहीं मिल पाई। शहर में भाजपा के भी दस पार्षद है। लेकिन भाजपाई पार्षदों वाले वार्डो में भी कांग्रेस को बेहतर मत मिले और भाजपा की लीड घट गई। इसमे दो वार्डों में पार्षदों के ऊपर खुलकर पार्टी विरोधी कार्य करने के आरोप भी लगे। जिसके चलते भाजपा प्रत्याशी की हार बढ़ गई। भाजपा के शहर मंडल अध्यक्ष विनय देवांगन के वार्ड में भाजपा को के वल 73 मतों से लीड मिल सकी। इसी तरह गोलबाजार और अंबेडकर वार्ड के संयुक्त मतदान केन्द्र में 123 मतो से ही बढ़त बन पाई।

खैरागढ़. चुनाव परिणामों में विभिन्न पदाें पर बैठे शहरी नेताआें की स्थिति बिगाड़ दी है। सत्ता में रहे कांग्रेस के शहरी नेताओं की सक्रियता और कार्यप्रणाली पर भी सवाल खडे़ हो गए हैं। नगरपालिका क्षेत्र में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार अभियान की कमान संभालने वाले कांग्रेस के पार्षदों को अपने वार्डों में मुंह की खानी पड़ गई है। कांग्रेस शहर के बीस वार्डों में से चार वार्डों में ही जीत पाई। लेकिन इन वार्डों में भी अंतर काफी कम रहा। बाकी वार्डों में भाजपा को बड़ी अंतर से जीत मिली।

पालिकाध्यक्ष शैलेन्द्र वर्मा के वार्ड में ही कांग्रेस की लाज बच पाई है। शहर के 20 वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा को नपाध्यक्ष शैलेन्द्र वर्मा के पिपरिया के दोनों वार्ड में कुल 249 मतों की बढ़त मिली। इसमें वार्ड एक में कांग्रेस को 554 भाजपा को 414 और वार्ड दो में कांग्रेस को 437 और भाजपा को 328 मत ही मिले। इसके अलावा पालिका के लोकनिर्माण सभापति और अमलीडीह वार्ड पार्षद शत्रुहन धृतलहरे के वार्ड में कांग्रेस 90 मतों से आगे रही। यहां कांग्रेस को 492 और भाजपा को 490 मताें से संतोष करना पड़ा।

सिविल लाइन स्थित खम्हरिया वार्ड में भी कांग्रेस को 30 मतों से बढ़त मिली। सभापति दिलीप लहरे के वार्ड में कांग्रेस को 304 भाजपा को 274 मत मिले। इसके बाद सभी वार्डों में भाजपा की लीड रही।

भाजपा को शहर से कुल 2311 मतों की बढ़त मिली। इसमें नपा उपाध्यक्ष रज्जाक खान, सभापति दीपक देवांगन, सुमन दयाराम पटेल, पुरूषोत्तम वर्मा, सुमित टांडिया, पार्षद दीलिप राजपूत कांग्रेस को जीत दिलाने में असफल रहे। इसके अलावा एल्डरमैन मनराखन देवांगन, किरण झा, पलाश सिंह, आरती यादव, रतन सिंगी के वार्डों में भी भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की। पालिका क्षेत्र में भाजपा को कुल 8017 और कांग्रेस को 5706 मत मिले। शहर सीमा में कुल 14228 लोगों ने मतदान किया था।

कांग्रेस को चुनाव में 49.26 फीसदी और भाजपा को 46.16 फीसदी मत मिले। भाजपा को पिछले चुनाव के लिहाज से 16 हजार अधिक मत मिले। जबकि कांग्रेस के मतों में भी 2 हजार से अधिक का इजाफा हुआ।

विधानसभा के 283 मतदान केन्द्रों में कांग्रेस को 158 और भाजपा को 125 बूथों में जीत मिली। तीसरे स्थान पर रही नोटा को 1.27 फीसदी लोगों का साथ मिला। जमानत जब्त होने वाले 9 प्रत्याशियों में कोई भी एक फीसदी मत भी नहीं पा सका।


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