खाद संकट से जूझ रहे किसान पहुंचे कलेक्ट्रेट, विधायक यशोदा वर्मा ने संभाला मोर्चा

खाद संकट से जूझ रहे किसान पहुंचे कलेक्ट्रेट, विधायक यशोदा वर्मा ने संभाला मोर्चा

खैरागढ़। प्रदेश में यूरिया और डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता के सरकारी दावों के बीच खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले के किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। खाद की कमी से परेशान भोरमपुर और कुकुरमुड़ा क्षेत्र के सैकड़ों किसान मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल खाद उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों ने बताया कि ग्राम भोरमपुर स्थित सेवा सहकारी समिति के अंतर्गत भोरमपुर, जोरातरई, मदनपुर, चिगली और सिंघौरी सहित कई गांव आते हैं, जबकि कुकुरमुड़ा समिति के अंतर्गत चैंदनी, डुंडा और कुकुरमुड़ा के किसान जुड़े हुए हैं। खरीफ सीजन की तैयारियां शुरू होने के बावजूद समितियों में यूरिया और डीएपी खाद का पर्याप्त भंडारण नहीं होने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ज्ञापन में किसानों ने कहा कि खाद की अनुपलब्धता के कारण खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और समय पर बुवाई की तैयारी नहीं हो पा रही है। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि सहकारी समितियों में तत्काल पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए तथा सभी किसानों को उचित मूल्य पर खाद वितरण सुनिश्चित किया जाए।
*किसानों के समर्थन में पहुंचीं विधायक*
किसानों की मांगों के समर्थन में क्षेत्रीय विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा भी कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने किसानों के साथ कलेक्टर एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर खाद संकट की जानकारी ली और किसानों को शीघ्र खाद उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। विधायक ने कहा कि खेती पूरी तरह समयबद्ध प्रक्रिया है। यदि किसानों को समय पर खाद और अन्य आवश्यक संसाधन नहीं मिले तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से समस्या के त्वरित समाधान की मांग की।
*जोरातरई के किसान अब भी इंतजार में*
किसानों ने बताया कि भोरमपुर सेवा सहकारी समिति के अंतर्गत आने वाले पांच गांवों में से चार गांवों के किसानों को खाद का वितरण किया जा चुका है, लेकिन जोरातरई गांव के किसान अब तक खाद से वंचित हैं। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि मानसून की आहट के बीच यदि समय पर खाद नहीं मिली तो खेतों की तैयारी और बुवाई प्रभावित हो सकती है।
*कलेक्टर ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश*
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट में ही कृषि विभाग के अधिकारियों को तलब कर खाद उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित समितियों में शीघ्र पर्याप्त मात्रा में यूरिया एवं डीएपी उपलब्ध कराई जाए तथा किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए।
किसानों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करेगा, जिससे खरीफ सीजन की तैयारियां समय पर पूरी हो सकें और खेती-किसानी का कार्य प्रभावित न हो।
