खेत में रोपा लगाते टूटे बिजली तार की चपेट में आने से एक की मौत दो गंभीर

खेत में रोपा लगाते टूटे बिजली तार की चपेट में आने से एक की मौत दो गंभीर
पिपला कछार गांव में दर्दनाक हादसा

खैरागढ़ ! इलाके के पिपला कछार में खेत में रोपा लगाने के दौरान टूटे बिजली तार के संपर्क में आने से लगे करंट से किसान की मौत हो गई जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गये है! घटना शुक्रवार दोपहर में हुई!
पिपलाकछार में शुक्रवार को खेत में धान की रोपाई के दौरान खेत में टूटकर गिरे विद्युत तार की चपेट में आने से करंट लगने से धन साय पटेल की मौके पर ही मौत हो गई! जबकि चंपा साहू और सिमान दास गंभीर रूप से घायल हो गये! घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है! ग्रामीणों ने बताया कि दो maah पहले ही टूट गए तार की शिकायत बिजली विभाग को दी गई थी लेकिन इसकी मरम्मत नहीं हो पाई! हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पाड़ादाह विद्युत वितरण केंद्र पहुंच गए और लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों पर कार्रवाई सहित मृतक के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग की! मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराते उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है! पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है!
से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि टूटे तार की शिकायत दो माह पहले ही विभाग को दी गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं होने से यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार खेत में रोपा लगाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान खेत में लगे बिजली के खंभे से टूटा हुआ विद्युत तार मजदूरों के संपर्क में आ गया। करंट लगने से धनसाय पटेल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चंपा साहू और सीमनदास साहू गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल खैरागढ़ ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है वहीं मृतक के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
वहीं, हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग विद्युत वितरण केंद्र पान पहुंच गए और बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा तथा घायलों के समुचित इलाज की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे।
स्थिति को देखते हुए खैरागढ़ थाना प्रभारी अनिल शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश देकर हालात को नियंत्रित करने में जुट गई। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली विभाग ने दो माह पहले की गई शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की होती तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। पुलिस मामले की जांच कर रही है, वहीं ग्रामीण दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
