शहर की स्वच्छता जांचने शहर आएगी दिल्ली की केन्द्रीय टीम, पालिका की स्वच्छता रैकिंग सुधारने कवायद जारी

शहर के सार्वजनिक शौचालयो की खराब हालत को सुधारने

पालिका ने झोंकी ताकत
खैरागढ़ । शहर की स्वच्छता जांचने पहुँचने वाली दिल्ली की टीम के आगमन के पहले शहर के सार्वजनिक शौचालयो को सुधारने की कवायद नगरपालिका ने शुरू कर दी। स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत हर साल आने वाली स्वच्छता सर्वेक्षण दल अगले एक दो दिनो मे शहर पहुँचे शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लेगी। सर्वेक्षण के तहत शहर के सार्वजनिक शौचालयो मे व्यवस्था, शहर की सड़को नालियों की साफ सफाई, खुले में शौच सहित शौचालयो के रखरखाव, मरम्मत सहित अन्य कार्यों का निरीक्षण करेगी ।
दो साल से ध्वस्त हुई स्वच्छता
शहर मे नगरपालिका अधिकारियो कर्मचारियो की लापरवाही के चलते शौचालयो की स्थिति बदहाल हो चुकी है। लगातार अधिकारियो के निलंबन और प्रभारी अधिकारियो के दम पर चली पालिका प्रशासन मे स्वच्छता को लेकर ठोस उपाय और कार्यवाही नही होने से पालिका स्वच्छता सर्वेक्षण मे लगातार मात खा रहा है। नगरपालिका स्तर पर पूरे छग राज्य मे टाप 20 नगरपालिकाओ मे शामिल रही नगरपालिका पिछले सर्वेक्षण मे एकदम से पिछड़ गई और सौ के बाद नंबर लगा था। इसके चलते इस बार पालिका प्रशासन स्थाई सीएमओ की पदस्थापना के बाद स्वच्छता रैकिंग सुधारने की कवायद में जुटा है।
शौचालयो का रंगरोगन, मरम्मत शुरू
स्वक्छता सर्वेक्षण के लिए शहर पहुँचने वाली केन्द्रीय टीम के पहले ही शहर के 20 वार्डो मे बनाए गए सार्वजनिक शौचालयो की मरम्मत रंगरोगन सहित व्यवस्था सुधारने मंगलवार से युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर दिए गए। सार्वजनिक शौचालयो मे मरम्मत कार्य,बिजली पानी व्यवस्था, टूट फूट की मरम्मत सहित अन्य व्यवस्थाओ को दुरूस्त करने स्वच्छता कर्मचारियो को सुबह से तैनात किया गया है । शौचालयो मे साफ सफाई और अन्य व्यवस्थाओ को भी तवज्जो दी जा रही है।
नाली, सड़क सफाई बेहतर
शहर मे पालिका द्वारा स्वच्छता अभियान में कारगर कार्यवाही मे सड़क और नालियो की सफाई व्यवस्था बेहतर रख गई है। पालिका की स्वच्छता कर्मियो द्वारा रोजाना सड़क और नालियों की बेहतर सफाई व्यवस्था के चलते ज्यादा दिक्कते सामने नही आ रही है। घर घर कचरा संग्रहण कार्य भी लगभग बेहतर स्थिति मे है। लेकिन शौचालयो की व्यवस्था को लेकर पालिका की स्वच्छता रैंकिंग लगातार पिछड़ रही है। ऐसे मे अब सार्वजनिक शौचालयो को सुधारने सबसे ज्यादा मशक्कत की जा रही है ।
