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नवरात्र की तैयारी: दशहरा पर रावण दहन करेंगे, इस साल निकलेगी राजा की शाही सवारी  

परंपरा पर आचार संहिता का रोड़ा, इस बार रास गरबा, कवि सम्मेलन नहीं होगा

Khabar Khairagariya

 

नवरात्र की तैयारी: दशहरा पर रावण दहन करेंगे, इस साल निकलेगी राजा की शाही सवारी

परंपरा पर आचार संहिता का रोड़ा, इस बार रास गरबा, कवि सम्मेलन नहीं होगा

जुलूस में निकलेंगे राजा आर्यव्रत

शैलेन्द्र मिश्रा खैरागढ़:- आचार संहिता के चलते शहर में परपंरागत रूप से होने वाले दशहरा उत्सव को इस बार स्थगित कर दिया गया है। नगर पालिका दशहरा उत्सव समिति के तत्वावधान में पिछले 15 वर्षों से शहर में नवरात्रि के दौरान भव्य रास गरबा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कवि सम्मेलन सहित दशहरा पर्व पर शोभायात्रा और रावण दहन का भव्य कार्यक्रम आयोजित होते रहा है। चुनावी आचार संहिता के चलते रावण दहन को छोड़कर बाकी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।

नगर पालिका द्वारा बांके बिहारी मंदिर परिसर में विराजित होने वाली मां दुर्गा प्रतिमा सहित नवरात्रि का संचालन पालिका कर्मी ही करेंगे। दशहरा पर्व पर नगरपालिका प्रशासन द्वारा सादे रूप में विसर्जन यात्रा के साथ ईतवारीबाजार में रावण दहन होगा। आचार संहिता के पेंच में फंसी दशहरा उत्सव के स्थगित होने से शहर वासियाें को इस बार रास गरबा, कवि सम्मेलन सहित अन्य आयोजनों को देखने मौका नहीं मिलेगा। नगरपालिका अध्यक्ष शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि आचार संहिता के चलते दशहरा उत्सव में केवल रावण दहन की परंपरागत प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। रास गरबा, सांस्कृतिक कार्यक्रमाें को स्थगित कर दिया गया है।

इधर राजपरिवार का शाही जुलूस इस बार निकलेगा। राजा रहे दिवंगत विधायक देवव्रत सिंह की आकस्मिक मौत के बाद पिछले साल राजपरिवार का शाही जुलूस नहीं निकला था। दिवंगत विधायक सिंह के पुत्र आर्यव्रत सिंह को राजपरिवार का राजा घोषित किए जाने के बाद इस साल सिविल लाइन से राजशाही सवारी शहर भ्रमण के लिए निकलेगी। राजा आर्यव्रत सिंह शहर भ्रमण कर लोगाें का अभिवादन स्वीकार करेंगे। इसके लिए राजपरिवार दशहरा उत्सव द्वारा तैयारियाँ शुरू कर दी गई है। शाही सवारी नगर भ्रमण के बाद फतेह मैदान में रावण दहन में शामिल होंगी। जहां राज परिवार दशहरा का रावण दहन किया जाएगा।

डीजे पर बैन का समितियाें पर असर

आचार संहिता के चलते डीजे सहित ध्वनि विस्तारक यंत्राें पर प्रतिबंध का असर दुर्र्गोत्सव समितियों पर दिखने लगा है। शहर के विभिन्न इलाकाें में नवरात्रि के प्रथम दिन माँ दुर्गा की विभिन्न स्वरूपों वाली प्रतिमा की स्थापना के दौरान डीजे सहित अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जाता है। इसी तरह दशहरा पर्व के दूसरे दिन शहर में दिनभर प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर चलता है। इसमें बड़ी संख्या में डीजे और धुमाल का उपयोग होता है।

अनुमति अनिवार्य कर दिया

आचार संहिता के चलते इसके लिए अनुमति लिए जाने को अनिवार्य किया गया है। रात दस बजे तक ही बजाने के निर्देश के बाद कई समितियों की परेशानियां सामने आई है। हालांकि प्रतिमा स्थापना के लिए विभिन्न समितियों ने डीजे बजाने की अनुमति के लिए आवेदन स्थानीय एसडीएम कार्यालय में लगाए है। लेकिन अब तक आवेदनों पर कार्रवाई नहीं हो पाई है। रविवार को शहर भर में देवी प्रतिमाओं की स्थापना धूमधाम से की जानी है।


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