आज विश्व पर्यावरण दिवस विशेष शहर की हरियाली बढ़ाने सात साल से जारी है पौधारोपण, जल संरक्षण और जागरूकता अभियान
15 सौ पौधो का रोपण रोजाना करते है जलसंचय ताकि जीवित रहे पौधे बन सके पेड़

आज विश्व पर्यावरण दिवस विशेष
शहर की हरियाली बढ़ाने सात साल से जारी है पौधारोपण, जल संरक्षण और जागरूकता अभियान
15 सौ पौधो का रोपण रोजाना करते है जलसंचय ताकि जीवित रहे पौधे बन सके पेड़

खैरागढ । शहर के पर्यावरण को संरक्षित करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने शहर की स्वयंसेवी संस्था निर्मल त्रिवेणी अभियान पिछले सात सालो से पौधा रोपण, जलसंरक्षण अभियान चलाकर लोगो को प्रेरित कर रही है। निर्मल त्रिवेणी अभियान सदस्यो द्वारा शहर के मुख्य मार्गो, घने इलाको, मैदान सहित चौक चौराहो मे पिछले सात सालो मे 15 सौ से अधिक पौधो का रोपण कर उनका संरक्षण किया गया है। एक समय सूने और बिना छांव वाले राजनांदगांव कवर्धा मुख्य मार्ग, केन्द्रीय विद्यालय मार्ग, संगीत विवि मार्ग, बस स्टैण्ड, फतेह मैदान दाऊचौरा, शिवमंदिर, कलेक्टर कार्यालय मार्ग जैसे इलाके हरे पेड़ो से लहलहा रहे है । सात साल पहले शुरू किए गए अभियान मे शहर के विभिन्न समाजसेवी युवा, शिक्षक, कर्मचारी सहित व्यापारी, छात्र और जनप्रतिनिधि भी जुड़े हुए है ।

पौधारोपण के बाद साल भर उसका संरक्षण
अभियान के तहत बारिश के दौरान किए गए पौधारोपण का साल भरा संरक्षण का जिम्मा भी अभियान के सदस्यो द्वारा ही उठाया जाता है । प्रतिदिन पौधो की देखभाल, सुरक्षा, जल संचय सहित लोगो को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने संकल्प अभियान भी चलाया जाता है । संरक्षण के चलते संगीत विवि, दाउचौरा के शीतला मंदिर चौक का इलाका पेड़ो की छांव से लोगो को राहत दे रहा है तो दूसरी ओरपर्यावरण को भी संरक्षित कर रहा है। इस दौरान शहर के मुक्तिधामों, लालबहादुर क्लब, गौरव पथ जैसे इलाके हरे पेड़ो से लहलहा रहे है । पौधारोपण के बाद उसकी सुरक्षा की रोजाना जिम्मेदार उठा रहे है। तो दूसरी ओर पौधो को पेड़ बनने तक संरक्षित करने लोहे की जाली लगाकर भी सुरक्षित रखा जा रहा है। अभियान के तहत अब तक लगाए गए पौधो मे नीम, पीपल, कदम, बरगद, आम, बादाम के फलदार पौधो के साथ निर्गुड़ी औषधि, काजू नीम के पौधे अब पेड़ बन चुके है। शहर की नदियों के किनारे अर्जुन के पौधे तैयार किए गए है। अभियान का उददेश्य शहर के पर्यावरण को संरक्षित करने के साथ जलसंचयन को बढ़ावा देना है। इस बार के बारिश के दौरान भी अभियान के तहत प्रतिदिन पौधारोपण और उसके जलसंचय की तैयारी की गई है।
