सीएम भूपेश पहले नेहरू से राहुल तक का इतिहास पढ़ ले, फिर लगाए भाजपा पर परिवारवाद का आरोप
सीएम भूपेश पहले नेहरू से राहुल तक का इतिहास पढ़ ले, फिर लगाए भाजपा पर परिवारवाद का आरोप

सीएम भूपेश पहले नेहरू से राहुल तक का इतिहास पढ़ ले, फिर लगाए भाजपा पर परिवारवाद का आरोप
सोमेश लहरे ब्यूरो खैरागढ़ :- पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह और उनके भांजे को मिले टिकट पर सीएम भूपेश बघेल द्वारा लगाए परिवारवाद के आरोप पर पलटवार करते हुए जिला भाजपा अनुसूचित जाति के महामंत्री व पूर्व पार्षद कमलेश कोठले ने कहा सीएम भूपेश बघेल भाजपा पर परिवारवाद का आरोप लगाने से पहले कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से लेकर राहुल गांधी के इतिहास को पढ़ ले। भाजपा में विक्रांत सिंह को टिकट परिवारवाद नहीं बल्कि पार्टी में उनके कार्यों और समर्पण को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। विक्रांत सिंह मुख्यमंत्री के भांजे होने के बाद भी पार्टी में एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में अपनी राजनीतिक शुरूआत की थी। छात्र राजनीति में एबीवीपी का परचम लहराया। नगर पंचायत, नगर पालिका, जनपद से लेकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष तक वे चुनाव जीतते रहे हैं। भाजपा ही नहीं बल्कि कांग्रेस की सत्ता में भी विक्रांत सिंह ने जिला पंचायत सदस्य चुनाव भारी मतों से जीते और जिला पंचायत में उपाध्यक्ष पद पर आसीन हुए। यह प्रमाण है कि 20 साल से उन्हें जनता का आशीर्वाद मिलता रहा है। और इस बार भी विक्रांत सिंह खैरागढ़ विधानसभा चुनाव में भारी मतों से जीत हासिल करेंगे।
वहीं परिवारवाद का आरोप लगाने वाली कांग्रेस और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बताए कि देश की आजादी के बाद से अब तक कांग्रेस की बागडोर गांधी परिवार के हाथों में ही क्यों रहा। कांग्रेस में परिवारवाद और वंशवाद की जड़ें इतनी गहरी हैं कि नाती-पंती तक कांग्रेस में सक्रिय है। कांग्रेस खुद को आजादी की लड़ाई में भागीदार होने की बात करती है लेकिन कांग्रेस में कब्जा गांधी परिवार का ही क्यों है। कांग्रेस ने गांधी सरनेम तक को भुनाने में पीछे नहीं रही है।
