खैरागढ़-छुईखदान- गंडईस्वच्छत भारत

यूजर चार्ज (स्वच्छता शुल्क) से मजबूत हुई स्वच्छता व्यवस्था, ग्राम पंचायत मूढीपार बनी जिले के लिए प्रेरणा

Khabar Khairagariya

यूजर चार्ज (स्वच्छता शुल्क) से मजबूत हुई स्वच्छता व्यवस्था, ग्राम पंचायत मूड़ीपार बनी जिले के लिए प्रेरणा

पंचायतों में जारी है स्वच्छता अभियान 

 

खैरागढ़ ! स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिले में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जिला कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देश एवं जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत मूड़ीपार स्वच्छता के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरकर सामने आई है। ग्राम पंचायत द्वारा प्रतिदिन घर-घर कचरा संग्रहण, कचरा पृथक्करण एवं स्वच्छता शुल्क (यूजर चार्ज) संग्रहण जैसे कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है।

ग्राम के स्वच्छग्राही नियमित रूप से प्रत्येक घर तक पहुंचकर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक-पृथक संग्रहण कर रहे हैं। वहीं ग्राम पंचायत द्वारा स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ते हुए युवाओं की वार्डवार टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें घरों, दुकानों एवं सार्वजनिक स्थलों में पहुंचकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही हैं तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दे रही हैं।

ग्राम पंचायत ने स्वच्छता को स्थायी स्वरूप देने के लिए प्रत्येक माह श्रमदान के माध्यम से विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया है। पंचायत का मानना है कि स्वच्छ ग्राम का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक ग्रामीण अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करे और स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाए।

स्वच्छता शुल्क बना आत्मनिर्भरता का आधार

ग्राम पंचायत मूड़ीपार द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्रामीणों से लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये तथा दुकानों से 1 हजार 600 रुपये का स्वच्छता शुल्क (यूजर चार्ज) संग्रहित किया गया है। यह राशि ग्राम की सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण, स्वच्छता संसाधनों के रखरखाव एवं अन्य स्वच्छता गतिविधियों में उपयोग की जा रही है। यूजर चार्ज के माध्यम से ग्राम पंचायत न केवल अपनी आय में वृद्धि कर रही है, बल्कि स्वच्छता व्यवस्था को भी आत्मनिर्भर एवं टिकाऊ बना रही है।

जनपद पंचायत खैरागढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  हिमांशु गुप्ता द्वारा सभी ग्राम पंचायतों में सूखा कचरा संग्रहण एवं स्वच्छता शुल्क संग्रहण को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर कार्य किया जा रहा है। मूड़ीपार की सफलता इस बात का प्रमाण है कि योजनाबद्ध प्रयास, जनसहभागिता एवं सतत मॉनिटरिंग से स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

ग्राम पंचायत के सरपंच कुमेश साहू ने बताया कि गांव को स्वच्छता के क्षेत्र में जिले का अग्रणी ग्राम बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं पंचायत सचिव श्री भागवत साहू ने कहा कि ग्राम की प्रत्येक गली एवं मोहल्ले में जनसंपर्क कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है तथा सभी से नियमित रूप से स्वच्छता शुल्क जमा करने की अपील की जा रही है।

जिला पंचायत सीईओ  प्रेम कुमार पटेल ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता शुल्क संग्रहण को बढ़ावा देने हेतु विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत घर-घर कचरा पृथक्करण, चार प्रकार के कचरे का संग्रहण, नियमित कचरा परिवहन एवं वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

ग्राम पंचायत मूड़ीपार की यह पहल आज जिले की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। स्वच्छता शुल्क के माध्यम से स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत एवं आत्मनिर्भर बनाने का यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को नई दिशा प्रदान कर रहा है। यदि इसी प्रकार जनसहभागिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाए, तो प्रत्येक ग्राम पंचायत स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सकती है।यह समाचार यूजर चार्ज (स्वच्छता शुल्क) के सकारात्मक प्रभाव और अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणादायक मॉडल के रूप में तैयार किया गया है।


Khabar Khairagariya

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!