जिले मे धान खरीदी केन्द्रो मे शार्टेज धान का मामला आमदनी, मड़ौदा, जालबांधा, सलोनी मे दो हजार क्विंटल से ज्यादा धान गायब,

जिले मे धान खरीदी केन्द्रो मे शार्टेज धान ,43 समितियो मे शार्टेज का आंकड़ा 37 हजार क्विंटल
कार्यवाही और जांच पर प्रशासन मौन, समितियों का दावा पखवाडे भर पहले तक उठाव सूखत के चलते ही शार्टेज

खैरागढ़ । जिले के धान खरीदी केन्द्रों में सरकारी धान मे सूखत के नाम पर हुए गडबड़ी में समितियो मे भी बडी मात्रा मे धान का शार्टेज सामने आया है। जिले के 51 धान खरीदी केन्द्रो मे सरकारी धान के अंतिम उठाव के बाद 36 हजार 897 क्विंटल धान गायब मिला है। सोमवार को खबर प्रकाशन के बाद स्थानीय प्रशासन सहित बैंक और समिति प्रबंधन मे भी हड़कंप की स्थिति बन गई । प्रशासनिक स्तर पर मामले मे कोई भी जानकारी द्वेने से बचने का प्रयास किया जाता रहा तो समिति प्रबंधन भी मामले में सूखत का हवाला देकर बचते नजर आई । समितियां शार्टेज मे किसी भी प्रकार की गडबड़ी से इंकार कर इसे देरी से हुए उठाव का हवाला दे रही है। तो मामले मे कार्यवाही के बजाय प्रशासन बचाव और मामले को दबाने मे सक्रिय नजर आ रहा है। जिले के 51 धान खरीदी केन्द्रों में दर्जन भर से अधिक केन्द्रों मे धान का बड़ा शार्टेज सामने आया है। इसमे आमदनी समिति सबसे ज्यादा शार्टेज के मामले मे जिले मे पहले नंबर पर है आमदनी समिति मे सबसे ज्यादा 2390 क्विंटल धान का शार्टेज मिला है । मड़ौदा समिति में 2119 क्विंटल, जालबांधा समिति में 2107 क्विंटल, सलोनी समिति में 2023 क्विंटल, टोलागांव समिति मे 1706 क्विंटल, कामठा समिति मे 1679 क्विंटल, बैहाटोला समिति मे 1606 क्विंटल, डोकराभाठा समिति मे 1534 क्विंटल धान उठाव के बाद कम मिला है। इसके अलावा गाड़ाडीह, गंडई, संडी, अतरिया, भंडारपूर, अमलीपारा, हनईबन, उदयपूर, नचनिया, रगरा, मुढ़ीपार, महरूमकला, लिमो, पाडादाह, विचारपूर, पैलीमेटा, रामपूर, गोपालपूर, बढ़ईटोला, मुढ़ीपार विचारपूर, भोथली, पैलीमेटा के मोहगांव, पैलीमेटा दो, बुंदेली, मुढ़ीपार के गातापार, गोपालपुर, ईटार, अमलीडीह, सड़क अतरिया, वीस्टोला, बकरकट्टा, ठंडार, भूलाटोला, झूरानदी समितियों मे धान के शार्टेज पाए गए है। जिले के 51 खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी के दौरान कुल 37 लाख 57 हजार 560 क्विंटल धान की खरीदी मे अंतिम उठाव के बाद कुल 37 लाख 20 हजार 693 क्विंटल धान की मिला। जिले की 43 समितियो मे 36 हजार 867 क्विंटल धान कम पाया गया ।
पखवाड़े भर पहले तक हुआ उठाव
जनवरी माह मे अंतिम खरीदी के बाद जिले के धान खरीदी केन्द्रों से धान का उठाव 15 मई के बाद तक जारी रहा । इसके चलते शार्टेज का पता अब सामने आ रहा है। जिले मे पूरे धान का उठाव किए जाने के बाद सामने आए अंतिम आंकड़े में अब तक 99 फीसदी धान का उठाव दर्ज किया गया है। मतलब पूरे जिले में हुई खरीदी का एक फीसदी धान पूरी तरह शार्टेज में चला गया। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई भी कार्यवाही अथवा जांच सामने नही आई है। उल्टा मामला उजागर होने के बाद अब इसे रफा दफा करने का प्रयास जारी है ।
समितियो का दावा सूखत के अलावा कोई गडबड़ी नही
जिले मे धान के बड़े पैमाने पर शार्टेज मामले में स्थानीय प्रशासन, बैंक प्रबंधन कुछ भी बोलने से बच रहे है। लेकिन समिति प्रबंधक इसे सीधे तौर पर सूखत का हवाला दे रहे है। प्रबंधको का दावा है कि जनवरी में अंतिम खरीदी के बाद सरकार ने समिति कर्मचारियो की हड़ताल के बाद फरवरी तक धान के उठाव का हवाला दिया था लेकिन जिले में 15 मई के बाद तक उठाव चलता रहा । समितियो ने शार्टेज में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के आरोपो का खंडन करते कहा कि देरी से उठाव के चलते ही शार्टेज निकला है। जहां ज्यादा धान जाम हुआ वहा शार्टेज ज्यादा मिला है। समिति कर्मचारी भी ऐसे में किसी भी प्रकार की कार्यवाही का जवाब दिए जाने की तैयारी कर रहे हैं!
