पालिकाध्यक्ष की शिकायत पर जांच मे भ्रष्टाचार की पुष्टि होने के बाद डेढ़ माह मे नही हो पाई कार्यवाही
प्रदेश सरकार के सुशासन पर उठ रहा सवाल

ये कैसा सुशासन
पालिकाध्यक्ष की शिकायत पर जांच मे भ्रष्टाचार की पुष्टि होने के बाद डेढ़ माह मे नही हो पाई कार्यवाही 
खैरागढ़। शहर के बरेठपारा वार्ड मे बिना कार्य के सीसी सड़क ओर नाली निर्माण कार्य के भुगतान किए जाने की पालिकाध्यक्ष गिरजा चंद्राकर द्वारा संयुक्त संचालक से की गई शिकायत के डेढ़ माह बाद भी मामले में नगरीय प्रशासन विभाग चुप्पी साधे बैठा है। सत्ताधीन पार्टी की पालिकाध्यक्ष की शिकायत पर ही डेढ़ माह से अधिक समय बीतने के बाद भी कार्यवाही नही होने प्रदेश सरकार के सुशासन और नगरीय प्रशासन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे है । तो दूसरी ओर पांच माह बाद होने वाले पालिका चुनाव मे | भाजपा की पालिकाध्यक्ष की शिकायत पर ही कार्यवाही नही होने के मुददे को कांग्रेस प्रमुख मुददा बनाने की तैयारी में जुट गई है । पालिकाध्यक्ष गिरजा चंद्राकर ने 23 अप्रैल को नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक के पास शिकायत करते शहर के बरेठपारा वार्ड 6 मे अधोसंरचना मद अंतर्गत नाली निर्माण और सीसी सड़क का मौके पर निर्माण नही होने के बाद भी तत्कालीन सीएमओ रहे अविनाश देवांगन सहित उपअभियंता और संबंधित लिपिक के खिलाफ जांच कार्यवाही करते संबंधित फर्म को किए गए साढ़े सात लाख रू से अधिक भुगतान की वसूली किए जाने की मांग की थी। मामले मे संयुक्त संचालक द्वारा दूसरे दिन ही कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता स्तर के अधिकारियो की टीम भेजकर मौके पर जांच करवाई गई थी। जांच के दौरान मामले में फर्जी वाड़ा किए जाने की पुष्टि अधिकारियो ने करते इसका प्रतिवेदन जल्द उच्चाधिकारियो को भेजने और कार्यवाही की बात कही थी ।
डेढ़ माह से कार्यवाही का इंतजार
7 मामले मे डेढ़ माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्यवाही नही होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे है। बताया गया कि मामले मे संयुक्त संचालक अधिकारी कार्यालय स्तर से जांच प्रतिवेदन नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक को भेज दिया गया है । कार्यवाही भी संचालक स्तर पर राजधानी रायपूर से होनी है। लेकिन सप्ताह भर में ही जांच प्रक्रिया पूरी किए जाने और फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद भी अब तक कार्यवाही नही होने से सरकार के सुशासन पर सवाल उठ रहे है। पालिकाध्यक्ष गिरजा चंद्राकर कार्यवाही की मांग को लेकर संचालक स्तर पर भी जाकर कार्यवाही की मांग कर चुकी है। इसके बाद भी मामले मे हील हवाला सरकार की मंशा पर पानी फेर रहा है।
पांच माह बाद होना है पालिका चुनांव
शहर में पालिका की नई सरकार के लिए पांच माह बाद चुनाव प्रक्रिया पूरी कराई जानी है। कांग्रेस के अध्यक्ष को इस्तीफा दिलाकर सत्ता बदलने वाली भाजपा की अध्यक्ष बनने के बाद उनकी शिकायत पर ही सरकार स्तर पर अटकी कार्यवाही को लेकर शहर मे चर्चाओं का बाजार गर्म है तो दूसरी ओर कांग्रेस भी इस मुददे को बड़ा मामला बनाकर भुनाने की तैयारी में जुटी है। पालिकाध्यक्ष गिरजा चंद्राकर जहां कार्यवाही होने का हवाला दे रही है तो मामले को कांग्रेस पालिका में पिछले ढाई साल से जारी भ्रष्टाचार की लगातार बानगी बता रही है। कांग्रेस ने फर्जी भुगतान सहित कई मुददो का हवाला देते कहा कि भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद पालिका भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अडड़ा बन गया है जहां पदस्थ होने वाले अधिकारी अध्यक्ष और पार्षदो के बिना जानकारी के लाखो का फर्जीवाड़ा कर चुके है। फिलहाल मामले मे कार्यवाही नही होने संशय की स्थिति है ।
संचालक स्तर पर जाकर मामले मे कार्यवाही को लेकर अधिकारियो से चर्चा की गई है जल्द ही मामले मे उचित कार्यवाही होगी।
गिरजा चंद्राकर अध्यक्ष नगरपालिका खैरागढ़
